Jhabua जिले में किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी देना अनिवार्य, धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
Jhabua प्रतिनिधि मनीष कुमट। जिले में कानून-व्यवस्था, लोकशांति और जनसुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (भा.ना.सु.सं.), 2023 की धारा 163(1) एवं 163(2) के अंतर्गत जिले की संपूर्ण राजस्व सीमाओं में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश 5 अगस्त 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश के तहत जिले में रहने वाले किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, घरेलू कामगारों, कर्मचारियों और विभिन्न संस्थानों में ठहरने वाले लोगों की जानकारी संबंधित पुलिस थानों को देना अनिवार्य किया गया है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण बढ़ाई गई निगरानी
जिला झाबुआ की भौगोलिक स्थिति गुजरात और राजस्थान की सीमा से लगी हुई है। इसके कारण जिले में बाहरी व्यक्तियों का आवागमन अपेक्षाकृत अधिक रहता है। प्रशासन के अनुसार, कई बार आश्रम, बोर्डिंग हाउस, सर्किट हाउस, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, रेस्ट हाउस, रिसोर्ट और किराए की संपत्तियों में ठहरने या निवास करने वाले व्यक्तियों की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती।
ऐसी स्थिति में पुलिस जांच और सुरक्षा संबंधी कार्यवाही में कठिनाइयां आती हैं। साथ ही बाहरी व्यक्तियों द्वारा असामाजिक या अवांछनीय गतिविधियों में शामिल होने की संभावनाओं को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी देना होगी
पुलिस अधीक्षक झाबुआ से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने पाया कि कई मामलों में मकान मालिकों द्वारा किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाने को उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।
नए आदेश के अनुसार अब मकान और दुकान मालिकों को किसी भी किरायेदार को रखने से पहले संबंधित थाना प्रभारी को निर्धारित प्रारूप में सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही किरायेदार के—
- आधार कार्ड,
- मतदाता पहचान पत्र,
- ड्राइविंग लाइसेंस,
- अथवा अन्य वैध पहचान पत्र
की प्रतियां सुरक्षित रखना आवश्यक होगा।
घरेलू कामगार और कर्मचारियों की भी देनी होगी जानकारी
आदेश के तहत घरेलू कामगारों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियुक्त कर्मचारियों की जानकारी भी संबंधित थाने में उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
नियुक्ति से पहले कर्मचारी का सत्यापन कर उसकी पहचान संबंधी दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखना आवश्यक होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन को संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सके।
होटल, लॉज और धर्मशालाओं के लिए भी निर्देश
जिले के होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, रिसोर्ट और अन्य आवासीय संस्थानों के संचालकों को प्रत्येक आगंतुक का वैध पहचान पत्र प्राप्त करना होगा।
इसके अलावा वहां ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची प्रत्येक माह संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। प्रशासन का उद्देश्य बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
होम डिलीवरी और कूरियर कंपनियों को भी देना होगा विवरण
आदेश में ऑनलाइन शॉपिंग, होम डिलीवरी और कूरियर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं।
इन कंपनियों को घर-घर जाकर सामान पहुंचाने वाले कर्मचारियों की जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध करानी होगी। साथ ही कर्मचारियों के पहचान पत्रों की प्रतियां सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
निजी सुरक्षा एजेंसियों पर भी लागू होंगे नियम
निजी सुरक्षा एजेंसियों को अपने यहां कार्यरत सुरक्षा गार्डों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने को देना होगी। इसके साथ ही सुरक्षा कर्मियों के पहचान दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखना भी आवश्यक किया गया है।
जनहित में जारी हुआ आदेश
जिला प्रशासन ने यह आदेश जनहित में जारी किया है। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से सूचना देना संभव नहीं होने के कारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत यह आदेश एकपक्षीय रूप से लागू किया गया है।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध माना जाएगा।
प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किरायेदारों, कर्मचारियों तथा बाहरी व्यक्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
