जमीअत उलमा-ए-हिंद की नई यूनिट का गठन, मुफ्ती हसीब बने सदर; बाड़ी में सर्वसम्मति से घोषित हुई नई कार्यकारिणी
संवाददाता: पंडित विपिन शर्मा, बम्होरी
रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी तहसील मुख्यालय पर जमीअत उलमा-ए-हिंद की स्थानीय इकाई का गठन सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। जुमे की नमाज के बाद आयोजित एक विशेष धार्मिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें मुफ्ती हसीब साहब को सर्वसम्मति से सदर (अध्यक्ष) चुना गया। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ उलमा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को स्थानीय स्तर पर अधिक सशक्त बनाना, समाज के बीच धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को गति देना तथा युवाओं को संगठन से जोड़कर समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
बाड़ी में धार्मिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
बाड़ी तहसील मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अध्यक्ष मौलाना हामिद साहब के स्वागत के साथ हुआ। चिंतामन चौराहे पर स्थानीय नागरिकों, समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने उनका फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद समाज के बीच शिक्षा, सामाजिक एकता और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
स्वागत के पश्चात सभी अतिथि स्थानीय मदरसा दारूल उलूम इस्माईलिया पहुंचे, जहां जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम पूरी श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
जुमे की नमाज के बाद हुई दीनी मज्लिस
जुमे की नमाज के उपरांत आयोजित दीनी मज्लिस में विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार रखे। जमीयत उलमा बम्होरी के अध्यक्ष मौलाना वाजिद साहब ने बयान फरमाते हुए जुमे की नमाज पढ़ाई तथा इस्लाम में एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसके संगठन और आपसी सहयोग में निहित होती है। यदि समाज शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में संगठित होकर कार्य करे तो वह हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है।
जिला अध्यक्ष मौलाना हामिद साहब ने संगठन की भूमिका पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष मौलाना हामिद साहब ने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद देश के सबसे पुराने सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में से एक है, जिसने समय-समय पर समाज के हित में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, मानव सेवा और राष्ट्रीय एकता को भी बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय इकाइयों के गठन से संगठन की कार्यक्षमता और मजबूत होगी तथा समाज की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
जिला उपाध्यक्ष मौलाना अजहर साहब ने युवाओं से की अपील
कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष मौलाना अजहर साहब ने अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उन्हें शिक्षा, अनुशासन तथा सामाजिक सेवा के कार्यों में आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और समाज में बेहतर वातावरण बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सर्वसम्मति से हुआ नई कार्यकारिणी का गठन
धार्मिक कार्यक्रम और विचार-विमर्श के बाद उपस्थित उलमा-ए-किराम एवं स्थानीय समाज के वरिष्ठजनों की सहमति से बाड़ी इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सभी पदाधिकारियों के नाम सर्वसम्मति से घोषित किए गए।
नई कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है जो लंबे समय से समाज सेवा, धार्मिक गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं।
जमीअत उलमा-ए-हिंद बाड़ी यूनिट की नई कार्यकारिणी
सदर (अध्यक्ष)
- मुफ्ती हसीब साहब
नाइब सदर (उपाध्यक्ष)
- मौलाना अबू बक्र साहब
- हाफिज़ अब्दुल लतीफ साहब
- हाफिज़ जकारिया साहब
जनरल सेक्रेटरी
- मौलाना अब्बास साहब
सेक्रेटरी
- हाफिज़ उमर साहब
- हाफिज़ मुआज़ (साइम) साहब
- हाफिज़ नईम साहब
- हाफिज़ हमज़ा साहब
- हाफिज़ तौहीद साहब
खजांची (कोषाध्यक्ष)
- हाफिज़ मुहम्मद फहीम साहब
नाइब खजांची
- हाफिज़ वसीम साहब
मीडिया प्रभारी
- जावेद खान (पत्रकार)
नवनियुक्त पदाधिकारियों का किया गया सम्मान
नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद जिला अध्यक्ष मौलाना हामिद साहब ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को पगड़ी पहनाकर एवं पुष्पमालाएं अर्पित कर सम्मानित किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सम्मान समारोह के दौरान संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने आशा व्यक्त की कि नई टीम समाज की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
समाज सेवा और संगठन को मजबूत बनाने पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नई कार्यकारिणी का प्रमुख उद्देश्य समाज के बीच शिक्षा को बढ़ावा देना, धार्मिक जागरूकता फैलाना, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करना तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना होगा।
इसके अलावा संगठन सामाजिक समरसता, भाईचारा, आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए भी निरंतर कार्य करेगा। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की गतिविधियों को पहुंचाने के लिए नियमित बैठकें, धार्मिक कार्यक्रम और जनजागरण अभियान संचालित किए जाएंगे।
संगठन के विस्तार पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि बाड़ी क्षेत्र के गांवों और आसपास के इलाकों में संगठन का विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ा जा सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उलमा-ए-किराम ने कहा कि मजबूत संगठन ही समाज की समस्याओं का प्रभावी समाधान कर सकता है। इसलिए सभी सदस्यों को मिलकर संगठन को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना होगा।
कार्यक्रम का संचालन जहांजेब खान ने किया
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन जहांजेब खान ने किया। उन्होंने मंच संचालन के साथ कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का समन्वय किया तथा उपस्थित सभी अतिथियों, उलमा-ए-किराम और समाजजनों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एकता, सेवा और शिक्षा के संदेश के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष मौलाना हामिद साहब ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को संगठन की जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती समाज की मजबूती है और प्रत्येक पदाधिकारी को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज एवं संगठन के हित में कार्य करना चाहिए।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि जमीअत उलमा-ए-हिंद की बाड़ी इकाई धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, उलमा-ए-किराम, समाज के वरिष्ठजन और युवा उपस्थित रहे।
