जैन मुनि निरोग सागर महाराज अभद्रता मामला: गुना जिले के आरोन में जैन मुनि निरोग सागर महाराज के साथ कथित अभद्रता के बाद भारत वर्षीय जैन समाज में आक्रोश। राजेश जैन दद्दू सहित विभिन्न संगठनों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और संतों की सुरक्षा की मांग की।
जैन मुनि निरोग सागर महाराज अभद्रता मामला: भारत वर्षीय जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू, इंदौर
आरोन में क्या हुआ?
जैन मुनि निरोग सागर महाराज अभद्रता मामला मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन कस्बे से सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री निरोग सागर महाराज के साथ चातुर्मास के दौरान कथित रूप से स्थानीय निवासी द्वारा अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। इस घटना के बाद सम्पूर्ण भारत वर्षीय जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जैन समाज में आक्रोश
घटना के बाद विभिन्न जैन संगठनों एवं समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष राकेश गोहिल एवं मंयक जैन ने कहा कि संत समाज पर इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, आनंद नवीन गोधा तथा हर्ष जैन ने कहा कि जैन संत संयम, शांति और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनके सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रदेश स्तर पर भी उठी आवाज
जैन राजनीतिक चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष काला ने मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन से आरोपियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में असंतोष और बढ़ सकता है।
संतों की सुरक्षा पर चिंता
भारत वर्षीय जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।समाज का कहना है कि संतों के विहार, चातुर्मास एवं धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने प्रशासन से संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने की अपील की।
महिला परिषद ने भी उठाई मांग
महिला परिषद की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ऐसे में धार्मिक गुरुओं के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई कर समाज का विश्वास बहाल करने की मांग की।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
- आरोपियों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी।
- कठोर कानूनी कार्रवाई।
- जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- चातुर्मास एवं विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाना।
- धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करना।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना।
- समाज में विश्वास बहाल करने हेतु त्वरित कार्रवाई।
निष्कर्ष
जैन मुनि निरोग सागर महाराज अभद्रता मामला अब पूरे भारत वर्षीय जैन समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। समाज के विभिन्न संगठनों, पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने एक स्वर में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। समाज का कहना है कि संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

