International Yoga Day 2026 पर मध्यप्रदेश में भव्य आयोजन हुआ। जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामूहिक योग किया, जबकि इंदौर में 10 हजार लोगों ने भ्रामरी प्राणायाम कर नया रिकॉर्ड बनाया।
International Yoga Day 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में किया योग, इंदौर ने रचा इतिहास
जबलपुर/इंदौर/भोपाल। International Yoga Day 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश में योग का भव्य उत्सव देखने को मिला। प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।
वहीं, स्वच्छता और जनभागीदारी के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर ने योग दिवस पर नया कीर्तिमान स्थापित किया। शहर में 10 हजार से अधिक साधकों ने लगातार तीन मिनट से अधिक समय तक सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम कर रिकॉर्ड बनाया। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में भी योग दिवस उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया।
International Yoga Day 2026 का महत्व
हर वर्ष 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में इस दिवस को मान्यता मिलने के बाद से योग विश्व स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है। भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा से निकला योग आज 190 से अधिक देशों में अपनाया जा रहा है।
इस वर्ष International Yoga Day 2026 की थीम स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और वैश्विक कल्याण पर केंद्रित रही। मध्यप्रदेश में भी इस अवसर पर लाखों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया योग
प्रदेश स्तरीय मुख्य आयोजन जबलपुर के ऐतिहासिक गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रही। उनके आगमन से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिली।राष्ट्रपति ने योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ उपस्थित रहे।सुबह से ही हजारों नागरिक, विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी, सेना के जवान और सामाजिक संगठनों के सदस्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। पूरे परिसर में उत्साह और अनुशासन का वातावरण दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया स्वास्थ्य का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और संतुलित पद्धति है। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जिसे पूरी दुनिया अपना रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुका है। आज करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रतिदिन योग करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी सुना गया
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योग दिवस पर दिया गया संबोधन भी लाइव प्रसारित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री का संदेश सुना।
प्रधानमंत्री ने योग को मानवता की साझा विरासत बताते हुए कहा कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है।
इंदौर में 10 हजार लोगों ने बनाया भ्रामरी प्राणायाम रिकॉर्ड
International Yoga Day 2026 पर इंदौर ने एक बार फिर अपनी अलग पहचान बनाई। शहर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान 10 हजार से अधिक लोगों ने एक साथ तीन मिनट से अधिक समय तक भ्रामरी प्राणायाम किया।
यह आयोजन शहर के प्रमुख मैदान में आयोजित किया गया, जहां सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने निर्धारित समय तक लगातार भ्रामरी प्राणायाम किया।
विशेषज्ञों के अनुसार भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और तंत्रिका तंत्र को शांत रखने में अत्यंत लाभकारी माना जाता है।इंदौर के इस आयोजन ने सामूहिक सहभागिता और योग के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाया।
क्या है भ्रामरी प्राणायाम?
भ्रामरी प्राणायाम में सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी ध्वनि निकाली जाती है। इससे मस्तिष्क को शांति मिलती है और मानसिक तनाव कम होता है।
भ्रामरी प्राणायाम के प्रमुख लाभ
- तनाव और चिंता में कमी
- मानसिक शांति
- बेहतर एकाग्रता
- उच्च रक्तचाप नियंत्रण में सहायक
- नींद की गुणवत्ता में सुधार
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार
भोपाल में भी दिखा योग का उत्साह
राजधानी भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में भी हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के नागरिक, विद्यार्थी, खेल प्रतिभागी और सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
प्रशासन द्वारा पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और बैठने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों और प्राणायाम की जानकारी दी।
मध्यप्रदेश के सभी जिलों में मनाया गया International Yoga Day 2026
जबलपुर, इंदौर और भोपाल के अलावा उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, खरगोन, देवास, रतलाम और अन्य जिलों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं ने भी योग शिविरों का आयोजन किया। बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने इसमें भागीदारी निभाई।
योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ
शारीरिक लाभ
- शरीर को लचीला बनाता है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- वजन नियंत्रित रखने में सहायक
- हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाता है
मानसिक लाभ
- तनाव कम करता है
- सकारात्मक सोच विकसित करता है
- ध्यान और एकाग्रता बढ़ाता है
- मानसिक संतुलन बनाए रखता है
सामाजिक लाभ
- सामूहिकता की भावना विकसित होती है
- स्वस्थ समाज निर्माण में मदद मिलती है
- जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव होता है
भारत की वैश्विक पहचान बना योग
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस और अन्य देशों में भी योग व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है।
भारत सरकार और विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों से योग ने वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है।
मध्यप्रदेश में योग संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा
मध्यप्रदेश सरकार भी योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों, महाविद्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में योग कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति, जागरूकता अभियान और सामूहिक योग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
International Yoga Day 2026 मध्यप्रदेश के लिए यादगार बन गया। जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बनाया, जबकि इंदौर ने 10 हजार लोगों के सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम से नया रिकॉर्ड स्थापित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है।




