आंतरिक पवित्रता और लोभ का त्याग ही उत्तम शौच धर्म: आर्यिका संगममति
अम्बाह जैन बगीची में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन धार्मिक अनुष्ठान, फैंसी ड्रेस में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
मुरैना/अम्बाह। दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन अम्बाह स्थित जैन बगीची में आचार्य श्री सिद्धांत सागर महाराज की शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी ससंघ के सानिध्य में उत्तम शौच धर्म की श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आराधना की गई। इस अवसर पर संगीतमय अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन का आयोजन मंत्रोच्चार के साथ किया गया। धार्मिक कार्यक्रम में महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।
आंतरिक पवित्रता पर दिया जोर
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री संगममति माताजी ने उत्तम शौच धर्म की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि बाहरी शरीर को जल या साबुन से साफ किया जा सकता है, लेकिन मन, विचारों और आत्मा के परिणामों की निर्मलता को शौच कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि उत्तम शौच धर्म का मूल भाव आंतरिक पवित्रता और लोभ का त्याग है। लोभ को मन का मैल बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को लालच और अधिक पाने की इच्छा से दूर रहने का संदेश दिया।
लोभ के बजाय संतोष अपनाने का संदेश
आर्यिका संगममति माताजी ने कहा कि अधिक पाने की लालसा और तृष्णा व्यक्ति को अशांति की ओर ले जाती है, जबकि संतोष वास्तविक सुख का आधार है। इसलिए लोभ और लालच का त्याग कर संतोष को जीवन में अपनाना उत्तम शौच धर्म की भावना को व्यवहार में उतारने का एक मार्ग है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने आंतरिक परिणामों की शुद्धता बनाए रखने, संतोष धारण करने और लोभ का त्याग करने का संकल्प लेने की प्रेरणा दी।

बच्चों ने फैंसी ड्रेस में दिखाई प्रतिभा
दशलक्षण महापर्व के तहत जैन बगीची प्रांगण में प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रात्रि में युवाओं की टीम द्वारा बच्चों के लिए टैलेंट एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न आकर्षक वेशभूषाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। प्रस्तुतियों के दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सिमरन और आकाश ने किया संचालन
फैंसी ड्रेस एवं टैलेंट कार्यक्रम का संचालन सिमरन एवं आकाश ने प्रभावी अंदाज में किया। दोनों ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और प्रतिभागी बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।
युवाओं की टीम द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की समाजजनों ने सराहना की और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों को बधाई दी।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता
दशलक्षण महापर्व के दौरान जैन बगीची में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। रात्रि में आरती, लकी ड्रा सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
महापर्व के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक शिक्षाओं के साथ बच्चों और युवाओं को भी समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा-अर्चना, प्रवचन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
