—Advertisement—

Indore Water Tragedy: दूषित पानी से 20 मौतें, मेयर के बेटे संघमित्र का वीडियो वायरल

Author Picture
Published On: 7 January 2026
Indore Water Tragedy: Mayor’s Son Sanghamitra Bhargava’s Video Goes Viral, Raises Questions on Civic Administration
— Indore Water Tragedy: Mayor’s Son Sanghamitra Bhargava’s Video Goes Viral, Raises Questions on Civic Administration

—Advertisement—

Indore में दूषित पानी का मामला: मेयर के बेटे का वीडियो वायरल, सवालों की झड़ी

Indore के Baghirathpura इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों और बीमारियों ने शहर में चिंता और आक्रोश की स्थिति पैदा कर दी है। इसी बीच नगर निगम के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने रेलवे और बुलेट ट्रेन समेत सरकारी परियोजनाओं पर तीखा प्रहार किया था। यह वीडियो अब ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

वीडियो का संदर्भ और समय

यह वीडियो 4 सितंबर 2025 का है, जब देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय में एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस आयोजन में संघमित्र भार्गव डेली कॉलेज की ओर से बोल रहे थे। मंच पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और स्थानीय बीजेपी विधायक मौजूद थे।

वीडियो में संघमित्र ने कहा:
“ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेकर भी यात्रा नहीं कर पाते। वादा था कि 2022 तक अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन केवल पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सीमित रह गई। जमीन अधिग्रहण में करोड़ों खर्च हुए, घोटाले हुए, लेकिन बुलेट ट्रेन हकीकत में नहीं आई।”

उन्होंने आगे कहा कि रेल हादसों में पिछले 10 सालों में 20 हजार लोग मारे गए। “जब ट्रेन पटरी से उतरती है, तो सिर्फ डिब्बे नहीं टूटते, एक मां की गोद सूनी होती है, बच्चे का भविष्य अंधेरे में डूबता है और बूढ़े पिता की आखिरी उम्मीद छिन जाती है।”

Baghirathpura त्रासदी और सरकारी आंकड़े

Baghirathpura इलाके में दूषित पानी की सप्लाई के कारण अब तक 20 लोगों की मौत हुई है। सरकारी आंकड़े केवल 6 मौतों का दावा कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि 17 मौतों का दावा कर रहे हैं।

इस घटना ने शहरवासियों में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अब नगर निगम और मेयर के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

Indore पानी की खराब गुणवत्ता और जिम्मेदार प्रशासन

Baghirathpura में पानी का स्रोत मुख्य रूप से बोरिंग और नर्मदा पाइपलाइन से आता है, जो साफ़ और सुरक्षित नहीं है। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन नगर निगम और संबंधित अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी गंदा और गंधयुक्त है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। प्रशासन ने केवल एडवाइजरी जारी की और टैंकरों पर निर्भरता बढ़ाने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

संघमित्र का भाषण और सोशल मीडिया का प्रभाव

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स संघमित्र के भाषण की तारीफ कर रहे हैं और इसे नगर निगम की नाकामी के खिलाफ एक बयान मान रहे हैं। लोग लिख रहे हैं:
“बेटा सरकार से सवाल पूछने में माहिर है, काश पिता भी जनता की जान बचाने में इतने ही सक्षम होते।”

संघमित्र ने वीडियो में यह भी कहा कि स्टेशन रिडेवलपमेंट की परियोजनाओं में केवल 20 स्टेशनों का काम पूरा हुआ, जबकि 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने का दावा किया गया था। उन्होंने बताया कि स्वीकृत 1.25 लाख करोड़ रुपये में से 80% परियोजनाएं अधूरी हैं और सुरक्षा के लिए 78% बजट डायवर्ट कर दिया गया।

Indore नगर निगम पर आरोप और सवाल

वीडियो और Baghirathpura त्रासदी ने नगर निगम और मेयर के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. जवाबदेही का अभाव: नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम ने शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।
  2. सुरक्षा और स्वास्थ्य पर लापरवाही: दूषित पानी की सप्लाई से लोगों की जान खतरे में है।
  3. सरकारी आंकड़ों और वास्तविकता में अंतर: आधिकारिक आंकड़े 6 मौतें दिखा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग और पार्षद 17 से अधिक मौतों का दावा कर रहे हैं।

Read Also : Indore Water Crisis : दूषित पानी से 20 मौतें, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया वाटर ऑडिट

विशेषज्ञों और जनता की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दूषित पानी से उत्पन्न बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में जलजनित रोगों का खतरा विशेष रूप से बढ़ा है।

स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ता अब प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि टैंकर सप्लाई, क्लोरीनेशन और नर्मदा पानी की जांच जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को तात्कालिक प्रभाव से लागू किया जाए।

समाधान और आवश्यक कदम

विशेषज्ञ और नागरिकों का सुझाव है कि नगर निगम को तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  1. दूषित पानी की सप्लाई रोकना और टेस्टिंग बढ़ाना।
  2. प्रभावित क्षेत्रों में फिल्टर और RO वाटर की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  3. नगर निगम के अधिकारियों और महापौर की जवाबदेही तय करना।
  4. भविष्य में पानी की आपूर्ति के लिए स्थायी योजना बनाना।
  5. सोशल मीडिया और नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेना।
निष्कर्ष

Baghirathpura की घटना इंदौर में जल संकट और प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर उदाहरण है। वहीं, संघमित्र भार्गव का पुराना वीडियो यह दिखाता है कि सरकार की परियोजनाओं और नीतियों पर युवा पीढ़ी भी सवाल उठाने में पीछे नहीं है।

इस घटना ने नगर निगम और मेयर के नेतृत्व पर गहरा असर डाला है और सोशल मीडिया पर भारी बहस का विषय बन गई है। जनता अब जवाबदेही और सुरक्षित पानी की आपूर्ति की मांग कर रही है।

संघमित्र का भाषण इस मामले में प्रतीक बन गया है कि सही सवाल पूछना ही प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता की दिशा में पहला कदम हो सकता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp