Indore में जहरीले पानी का सच उजागर: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का वाटर ऑडिट
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने Indore के विभिन्न इलाकों में खुद जाकर वाटर ऑडिट किया और पानी के सैंपल लिए। उनकी जांच में लगभग सभी क्षेत्रों में पानी अत्यंत दूषित और पीने योग्य नहीं पाया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है, और इसके बावजूद सरकार और नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि यह केवल भागीरथपुरा की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे शहर में लोग गंदा और सीवेजयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। जो काम प्रशासन को करना चाहिए था, वह आज विपक्ष को सड़कों पर उतरकर करना पड़ रहा है।
- मदीना नगर: बकाया वसूली और गंदा पानी
मदीना नगर, जो Indore का मुस्लिम बहुल इलाका है, इस जांच में सबसे चिंताजनक पाया गया। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि नगर निगम द्वारा नए नल कनेक्शन के नाम पर 7–8 हजार रुपये, कथित बकाया बताकर 22 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। इसके अलावा हर साल 2–3 हजार रुपये पानी का बिल वसूला जाता है, और भुगतान न करने पर नल काटने की धमकी दी जाती है। इसके बावजूद सप्लाई गंदे पानी की होती है।
Umang Singhar ने तंज कसते हुए कहा—
“महापौर जी, लगता है आप सिर्फ फूटी कोठी से महू नाका तक के ही महापौर हैं, जबकि पूरे इंदौर ने आपको चुना है।”
2. खजराना: नर्मदा का बदबूदार पानी
खजराना इलाके में नर्मदा का पानी भारी दुर्गंध और प्रदूषण के साथ वितरित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने खुद इस पानी का निरीक्षण किया और पाया कि यह पीने योग्य बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर के नाम पर ख्यात इंदौर में यह शर्मनाक स्थिति है। प्रशासन केवल भागीरथपुरा तक ही सीमित दिखता है, जबकि पूरा शहर इसी संकट का सामना कर रहा है।
3. भूरी टेकरी: स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
भूरी टेकरी क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान पानी के सैंपल लिए गए। जांच में पानी दूषित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया। इलाके में जलभराव, गंदगी और बीमारियों की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
4. इंदौर विधानसभा-2: गटर के पास से पाइपलाइन
इंदौर विधानसभा क्षेत्र-2 में गटर के पास से पानी की पाइपलाइन निकल रही थी। यह भाजपा सरकार और नगर निगम की घोर लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है। इस इलाके से भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान नगरीय प्रशासन मंत्री कई बार विधायक रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा—
“मैं स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा हूं। लोग खुलकर अपना दर्द और पीड़ा बता रहे हैं। आखिर प्रदेश की जनता को सीवेजयुक्त पानी क्यों पिलाया जा रहा है?”
5. बर्फानी धाम और कनाडिया इलाके
Umang Singharने बर्फानी धाम और कनाडिया इलाके का भी दौरा किया। दोनों क्षेत्रों में हालात अन्य इलाकों जैसे ही पाए गए—दूषित पानी, अव्यवस्थित सप्लाई और प्रशासन की पूरी उदासीनता। यह दर्शाता है कि इंदौर का पानी संकट केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में समान रूप से फैला हुआ है।
6. सरकार से सवाल और चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सीधे सवाल किए:
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क्या 20 मौतों के बाद भी सरकार जागेगी?
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क्या मंत्री, महापौर और नगर निगम की जवाबदेही तय होगी?
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कब तक इंदौर की जनता जहरीला पानी पीने को मजबूर रहेगी?
उमंग सिंघार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस जन आंदोलन के लिए मजबूर होगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने इलाके के पानी के सैंपल लेकर प्रशासन को बताएं कि उनकी जिंदगी के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है।
7. विपक्षी नेताओं का साथ
नेता प्रतिपक्ष के साथ इस वाटर ऑडिट में शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जैन, नीलाभ शुक्ला, आनंद जाट आदि उपस्थित थे। उन्होंने भी प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और जनता से मिले अनुभवों को साझा किया।
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निष्कर्ष
Umang Singhar का यह कदम Indore के जल संकट और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यह स्पष्ट करता है कि शहर में पानी की स्थिति गंभीर है, और केवल भागीरथपुरा ही नहीं, बल्कि मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, बर्फानी धाम, कनाडिया और अन्य इलाके भी इसी संकट की चपेट में हैं।
नगर निगम और राज्य सरकार के लिए यह चेतावनी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे शहर में सामाजिक और राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। सुरक्षित पानी की आपूर्ति, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करना अब प्राथमिकता बन चुकी है।

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