Indore के 60 इलाकों में आज भी नहीं आएगा पानी, पाइपलाइन मरम्मत ने बढ़ाई इंदौरियों की मुश्किलें
Indore शहर में जल संकट शनिवार, 21 फरवरी 2026 को भी जारी रहेगा। शहरवासियों को लंबे समय से पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है, और आज नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण की पाइपलाइन मरम्मत के कारण कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। शहर में जलापूर्ति को प्रभावित करने वाले यह काम विशेष रूप से मुख्य पाइपलाइन बदलने और लीकेज सुधारने से संबंधित हैं।
नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण के तहत जलूद क्षेत्र में 1200 एमएम की मुख्य पाइपलाइन को बदलने का काम चल रहा है। इसके अलावा सोलर प्लांट के निर्माण और राजीव गांधी चौराहे पर 1100 एमएम लाइन में लीकेज सुधार की कार्रवाई भी की जा रही है। मरम्मत कार्य की वजह से 20 फरवरी की सुबह से पंप बंद रखे गए थे। हालांकि, मरम्मत कार्य देर रात तक पूरा हुआ, लेकिन नर्मदा कंट्रोल रूम में पर्याप्त प्रेशर बनने तक शहर की जलापूर्ति बाधित रहेगी।
क्यों हो रही है पानी की कटौती?
Indore में जलापूर्ति की समस्या का मुख्य कारण नर्मदा परियोजना की पाइपलाइन में मरम्मत और अपग्रेडेशन है। मरम्मत कार्य के दौरान पंप बंद रखने से उन इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह रुक जाती है जो इन पाइपलाइनों से जुड़े हैं।
नगर निगम के अनुसार, मरम्मत कार्य के बाद पंप चालू कर दिए गए हैं, लेकिन जल प्रेशर पूरी तरह से बहाल होने में समय लगेगा। इसका मतलब यह है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी रात भर या दोपहर तक नहीं आएगा।
प्रभावित इलाके
इस बार Indore के 60 प्रमुख टंकियों और उनके आसपास के इलाके जल संकट से प्रभावित होंगे। यह इलाके शहर के विभिन्न क्षेत्रीय हिस्सों में फैले हुए हैं। प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं:
1. मध्य और उत्तर Indore
- एमआईजी
- तुकोगंज
- यशवंत क्लब
- एमवायएच
- पीडब्ल्यूडी
- सीपी शेखर नगर
- पागनिसपागा
- गाड़ी अड्डा
- स्नेह नगर
- खातीवाला
- काटन अड्डा
2. पूर्वी Indore और विजयनगर क्षेत्र
- खजराना
- महालक्ष्मी नगर
- सुखलिया
- वीणा नगर
- लवकुश विहार
- बर्फानी धाम
- बजरंग नगर
- नंदा नगर (नई, पुरानी और रोड नं. 13)
- जनता क्वार्टर
3. दक्षिण और पश्चिमी Indore
- बिलावली
- भवरकुआ
- रेती मंडी
- सूर्यदेव नगर
- हवा बंगला
- विदुर नगर
- ग्रेटर वैशाली
- प्रगति नगर
- चंदन नगर
- अंबिकापुरी
- नगीन नगर
- मित्रबंधु नगर
4. अन्य प्रभावित बस्तियां और कॉलोनियाँ
- मूसाखेड़ी
- टूटी प्रेस
- शिव नगर
- महावीर नगर
- कुलकर्णी का भट्टा
- अंबेडकर नगर
- साईं कृपा
- लोहा मंडी
- राजीव आवास विहार
- भागीरथपुरा
- ईंट भट्टा
- उर्दू स्कूल
- मां विहार
इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को आज पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा। टंकियों से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी।
मरम्मत का काम और उसकी वजह
- मुख्य पाइपलाइन का बदलाव: जलूद में 1200 एमएम की पाइपलाइन बदलने का काम चल रहा है। यह पाइपलाइन शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
- लीकेज सुधार: राजीव गांधी चौराहे पर 1100 एमएम लाइन में लीकेज को ठीक किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की बर्बादी और बाधा को रोका जा सके।
- सोलर प्लांट का निर्माण: पानी की आपूर्ति को स्थायी और ऊर्जा‑सक्षम बनाने के लिए सोलर प्लांट के कार्य किए जा रहे हैं।
मरम्मत कार्य जरूरी होने के बावजूद, इसके कारण आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम ने निवासियों से समझदारी और धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया है।
नागरिकों के लिए चेतावनी और सुझाव
- जल संरक्षण: जिन क्षेत्रों में पानी आ रहा है, वहां पानी का बचाव करें।
- भंडारण: आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर या बर्तन में पानी जमा करें।
- पानी का प्राथमिक उपयोग: केवल पीने, खाना बनाने और साफ-सफाई के जरूरी कार्यों में पानी का इस्तेमाल करें।
- शहर निगम से संपर्क: पानी की आपूर्ति में समस्या आने पर नर्मदा कंट्रोल रूम या नगर निगम की हेल्पलाइन से संपर्क करें।
आगे की संभावनाएँ
नगर निगम ने बताया है कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद पंप चालू कर दिए जाएंगे, लेकिन पूरे शहर में जल प्रेशर सामान्य होने में कुछ घंटे लग सकते हैं। अतः प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल होगी।
इस मरम्मत के बाद शहर में पानी की आपूर्ति अधिक स्थिर और प्रभावी होगी। पाइपलाइन की मरम्मत से भविष्य में लीकेज की समस्या और पानी की बर्बादी कम होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Indore के 60 प्रमुख इलाकों में शनिवार, 21 फरवरी 2026 को नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण के तहत पाइपलाइन मरम्मत के कारण पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य, उत्तर, पूर्वी, दक्षिण और पश्चिमी Indore के निवासियों को जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
मरम्मत कार्य लंबे समय में शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि इससे पानी की बर्बादी कम होगी और पाइपलाइन की स्थायित्व बढ़ेगी। फिलहाल, नागरिकों से संयम बनाए रखने और जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की गई है।
