इंदौर MY हॉस्पिटल में बिल्लियों की एंट्री, HIV यूनिट तक पहुंचा वीडियो वायरल: व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इंदौर के प्रतिष्ठित MY अस्पताल में हाल ही में स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर चिंता की स्थिति बन गई है। छह महीने पहले नवजात वार्ड में चूहों के कुतरने के कारण दो मासूम बच्चों की मौत के मामले ने अस्पताल की प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब अस्पताल परिसर में बिल्लियों की आवाजाही का वीडियो वायरल होने के बाद नए विवाद ने अस्पताल प्रशासन और मरीजों की सुरक्षा को लेकर शंकाएं पैदा कर दी हैं। खासतौर पर यह मामला अस्पताल के संवेदनशील ART (HIV यूनिट) सेंटर का है, जहां बिल्लियों के घूमने की बात सामने आई है।
बिल्लियों का वायरल वीडियो और चिंता
जानकारी के अनुसार, MY अस्पताल की ओपीडी (OPD) में हाल ही में एक बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद ओपीडी और आसपास के हिस्सों में बिल्लियों की लगातार आवाजाही देखी गई। यह स्थिति अस्पताल कर्मचारियों और मरीजों के लिए चिंता का कारण बनी। विशेष रूप से ART सेंटर और HIV संक्रमित मरीजों को दवा वितरण करने वाले कक्ष में बिल्लियों का प्रवेश चिंता बढ़ा रहा है। इस कक्ष से मरीजों को दवाएं दी जाती हैं, और नवजात बच्चों के लिए सुरक्षित दवाओं का भंडारण भी इसी स्थान पर होता है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर जानवरों की मौजूदगी संक्रमण के जोखिम और साफ-सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले के सामने आने के बाद MY अस्पताल के डीन, डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जानकारी दी कि 17 फरवरी 2026 को अस्पताल परिसर में बिल्लियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। इसके बाद तुरंत हाउसकीपिंग एजेंसी को बिल्लियों को पकड़ने और परिसर खाली कराने के निर्देश दिए गए। केंटीन क्षेत्र में बिल्लियों को पकड़ने के लिए पिंजरे भी रखवाए गए।
डीन ने बताया कि तीन में से दो बच्चों को रेस्क्यू कर लिया गया है और तीसरे को पकड़ने की कोशिश जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ओपीडी दोपहर 2 बजे के बाद बंद हो जाती है, इसलिए संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
मरीजों और दवाओं को कोई नुकसान नहीं
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने कहा कि किसी भी मरीज या दवा को नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी सैंपल तय नियमों के अनुसार लिए गए और जांच के लिए भेजे गए। वहीं, सफाई में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
छः महीने पहले का नवजात वार्ड मामला
छह महीने पहले नवजात वार्ड में चूहों के कारण दो नवजात बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उस समय अस्पताल में सफाई और रख-रखाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई थी। अब बिल्लियों की घटना ने यह स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में लगातार निगरानी और कड़े उपायों की आवश्यकता है।
कर्मचारियों और मरीजों की चिंता
बिल्लियों की आवाजाही ने अस्पताल स्टाफ और मरीजों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। विशेष रूप से HIV यूनिट जैसी संवेदनशील जगह पर किसी भी प्रकार के संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। स्टाफ ने शिकायत की कि बिल्लियों के चलते दवा वितरण और मरीजों की देखभाल में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
प्रशासनिक कार्रवाई और भविष्य की योजना
MY अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि बिल्लियों की आवाजाही को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं। हाउसकीपिंग एजेंसी और सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परिसर की नियमित निगरानी करें। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पिंजरे और अन्य नियंत्रक उपाय लागू किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, अस्पताल ने कर्मचारियों और मरीजों को आश्वासन दिया कि किसी भी संवेदनशील दवा या सैंपल को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
संक्रमण और सुरक्षा का जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल में जानवरों की उपस्थिति संवेदनशील स्थानों पर संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती है। ART सेंटर और HIV यूनिट में किसी भी प्रकार का जीवाणु या संक्रमण फैलने की संभावना गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए प्रशासन की तरफ से त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
निष्कर्ष
MY अस्पताल में बिल्लियों की आवाजाही ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। छः महीने पहले नवजात वार्ड में चूहों की घटना और अब HIV यूनिट में बिल्लियों का प्रवेश प्रशासन की सतर्कता और निगरानी की कमी को उजागर करता है। अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं, लेकिन कर्मचारियों, मरीजों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी और कड़े उपायों की आवश्यकता बनी हुई है।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पताल में सफाई, सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर नियमित निरीक्षण और तत्परता अत्यंत आवश्यक है।
