श्रावण के दूसरे सोमवार को निकली बांकनाथ अटल दरबार की भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
संवाददाता : कौशिक पण्डित
कांवड़ यात्रा में किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था ने लगाया सेवा स्टॉल, प्राकृतिक खेती के प्रति किया जागरूक
Manawar। श्रावण मास के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर मनावर में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। बांकनाथ अटल दरबार की भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। वहीं नगर में सामाजिक संस्थाओं की ओर से निकाली गई कांवड़ यात्रा में किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था ने सेवा स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक किया।
शोभायात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान नगर एवं आसपास के विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान भोलेनाथ के भक्तों का अभिनंदन किया गया। पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
20 वर्षों से जारी है बांकनाथ अटल दरबार की शोभायात्रा की परंपरा
श्रावण के दूसरे सोमवार पर आयोजित बांकनाथ अटल दरबार की शोभायात्रा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। समाजसेवी एवं शिव भक्त भक्तचंद जी पाटीदार ने श्रद्धालुओं और शोभायात्रा का स्वागत करने वाले नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से क्षेत्रवासियों और शिवभक्तों के सहयोग से इस शोभायात्रा की परंपरा लगातार जारी है। प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
पुष्पवर्षा और जयकारों से गूंजा नगर
शोभायात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया।
शोभायात्रा में शामिल भक्त भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से नगर का वातावरण शिवमय हो गया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
पांडव काल से जुड़ी है मंदिर की स्थानीय मान्यता
बांकनाथ अटल दरबार का प्राचीन मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार इस पावन स्थल का संबंध पांडव काल से माना जाता है। इसी वजह से मंदिर का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष माना जाता है।
श्रावण मास के दौरान मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के सोमवार को यहां विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है।

कांवड़ यात्रा में सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता
श्रावण के दूसरे सोमवार को नगर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा कांवड़ यात्रा भी निकाली गई। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से कई संस्थाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इसी क्रम में किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा स्टॉल लगाया गया। संस्था के सदस्यों ने श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों से संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती और ऑर्गेनिक खेती के महत्व की जानकारी दी।
सेवा स्टॉल के माध्यम से प्राकृतिक खेती का संदेश
किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था के सेवा स्टॉल पर लोगों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और इससे जुड़ी संभावनाओं के बारे में जागरूक किया गया। संस्था का उद्देश्य किसानों और आमजन तक प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारी पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
धार्मिक आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं के बीच संस्था की यह पहल अलग संदेश देती नजर आई। जहां एक ओर लोग भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर किसानों और आमजन के बीच खेती से जुड़े विषयों पर जागरूकता का प्रयास भी किया गया।
किसानों को प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती से जुड़ने का आह्वान
संस्था की ओर से क्षेत्र के किसानों को प्राकृतिक खेती एवं ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। स्टॉल के माध्यम से लोगों को बताया गया कि खेती में प्राकृतिक तरीकों को अपनाने और जैविक पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
संस्था का प्रयास है कि किसानों तक खेती से संबंधित उपयोगी जानकारी पहुंचे और वे अपने स्तर पर प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को समझकर उनसे जुड़ सकें।

धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक संदेश भी
किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था की इस पहल ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को केवल आस्था तक सीमित न रखकर जनजागरूकता के माध्यम के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के बीच सेवा स्टॉल के माध्यम से संस्था को किसानों, युवाओं और आमजन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिला। लोगों ने भी प्राकृतिक खेती से जुड़ी जानकारी में रुचि दिखाई।
आगे भी आयोजनों में भागीदारी का संकल्प
किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में संस्था की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संस्था का प्रयास रहेगा कि प्राकृतिक खेती और ऑर्गेनिक खेती से जुड़े उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाए।
संस्था की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ आमजन को भी प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के प्रति जानकारी देने का कार्य आगे जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।
शाही सवारी को लेकर तैयारियां तेज
इधर बांकनाथ अटल दरबार की आगामी शाही सवारी को लेकर शिवभक्तों और आयोजन समिति की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लोगों से अपील की जा रही है।
आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे श्रद्धा और अनुशासन के साथ शाही सवारी में शामिल हों और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।

भक्तचंद पाटीदार बोले- आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है आयोजन
समाजसेवी एवं शिव भक्त भक्तचंद जी पाटीदार ने कहा कि बांकनाथ अटल दरबार की शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से जिस तरह समाज और शिवभक्तों का सहयोग मिल रहा है, वह सराहनीय है। इसी सामूहिक सहभागिता से यह परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है।
हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
श्रावण के दूसरे सोमवार को मनावर में निकली बांकनाथ अटल दरबार की शोभायात्रा और कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। एक ओर जहां शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी आस्था प्रकट की, वहीं किसान परिवार ऑर्गेनिक संस्था ने सेवा स्टॉल के माध्यम से प्राकृतिक खेती का संदेश लोगों तक पहुंचाया।
इस तरह श्रावण के दूसरे सोमवार का आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और किसान जागरूकता का संगम बन गया। नगर में गूंजते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी सामने आया।
