गायत्री जयंती पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ Nagda के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ नागदा में पंचकुंडीय यज्ञ, कन्या पूजन एवं 200 भाई-बहनों ने 40 दिवसीय गायत्री साधना का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नागेश राठौर, भगवान दास सहित अनेक गायत्री परिजनों ने सहभागिता की।
गायत्री जयंती पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ Nagda: 200 श्रद्धालुओं ने लिया 40 दिवसीय साधना का संकल्प
Nagda। जीवनलाल जैन।
गायत्री जयंती पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ Nagda के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ Nagda में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत भव्य धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ, कन्या पूजन तथा 40 दिवसीय साधना अनुष्ठान का संकल्प समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 भाई-बहनों ने गायत्री साधना अनुष्ठान में सहभागी बनने का संकल्प लिया।
पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ एवं कन्या पूजन
गायत्री जयंती के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ सम्पन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति, मानव कल्याण तथा सकारात्मक परिवर्तन की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान कन्या पूजन का विशेष आयोजन भी किया गया, जिसमें बालिकाओं का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानकर सम्मानित किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।
200 भाई-बहनों ने लिया 40 दिवसीय साधना का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 200 भाई-बहनों को 40 दिवसीय गायत्री साधना अनुष्ठान का संकल्प दिलाया गया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं को नियमित जप, ध्यान, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन अपनाने का सुझाव दिया।
संकल्प के दौरान उपस्थित गायत्री परिजनों ने विश्व कल्याण और विश्व शांति के लिए साधना करने का आश्वासन दिया। बताया गया कि इस साधना अनुष्ठान की पूर्णाहुति आगामी 20 सितम्बर 2026 को गायत्री तपोभूमि में सम्पन्न होगी।
अवतरण दिवस पर भक्तिमय प्रस्तुति
गायत्री जयंती के अवसर पर भगवान दास ने भावपूर्ण स्वर में गीत प्रस्तुत किया—“अवतरित हुई माँ गायत्री, युग शक्ति बनीं निश्चय जानो,आ गया समय-युग बदलेगा, इस काल शक्ति को पहचानों।”उनकी इस प्रस्तुति ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
नागेश राठौर ने बताई गायत्री शक्तिपीठ की गौरवगाथा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागेश राठौर ने कहा कि नागदा गायत्री शक्तिपीठ का अपना विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने बताया कि युग ऋषि वेदमूर्ति परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सानिध्य में Nagda के परिजनों ने गायत्री जयंती के अवसर पर ही नागदा में गायत्री शक्तिपीठ निर्माण का संकल्प लिया था।उन्होंने कहा कि गुरु कृपा से वह संकल्प आज साकार रूप में गायत्री शक्तिपीठ के रूप में स्थापित हो चुका है। अब आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी गुरु द्वारा बताए गए आदर्शों और मार्गदर्शन के अनुसार इस पवित्र केंद्र को आगे बढ़ाएं और समाज निर्माण में इसकी भूमिका को और मजबूत करें।
परिजनों ने व्यक्त किए विचार
इस अवसर पर लालसिंह आंजना (अमलावदिया), सुशील ओझा, भगवानसिंह आंजना (झांझाखेड़ी), सुबोध स्वामी सहित अनेक गायत्री परिजनों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने गायत्री परिवार की विचारधारा, युग निर्माण आंदोलन और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
विभिन्न संस्कारों का हुआ आयोजन
गायत्री जयंती समारोह के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्कार भी सम्पन्न किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।कार्यक्रम के अंत में कन्या पूजन किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही गायत्री जयंती महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
महत्वपूर्ण जानकारी
- आयोजन स्थल : गायत्री शक्तिपीठ, नागदा
- आयोजन : गायत्री जयंती महोत्सव
- मुख्य आकर्षण : पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ, कन्या पूजन
- सहभागी : लगभग 200 श्रद्धालु
- विशेष संकल्प : 40 दिवसीय गायत्री साधना अनुष्ठान
- पूर्णाहुति : 20 सितम्बर 2026, गायत्री तपोभूमि
रिपोर्ट : जीवनलाल जैन, Nagda
संपर्क सूत्र : ममता बैरागी (91318 54461)

