झाबुआ में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा: सीएमएचओ डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का किया निरीक्षण, गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दिए निर्देश
संवाददाता: मनीष कुमट, झाबुआ
झाबुआ। जिले में आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने मंगलवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर नरवलिया एवं ढेबर बड़ी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
सीएमएचओ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर दिया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का किया निरीक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर नरवलिया एवं ढेबर बड़ी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण तथा मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निगरानी और फील्ड स्तर पर सक्रियता बनाए रखने पर जोर दिया।
गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच के दिए निर्देश
सीएमएचओ डॉ. चोपड़ा ने निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि—
- प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन किया जाए।
- नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
- आवश्यक जांच समय पर कराई जाए।
- गर्भावस्था के दौरान उचित परामर्श दिया जाए।
- सुरक्षित प्रसव की तैयारी पहले से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान पर विशेष जोर

डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाले मामलों की जल्द पहचान की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं में किसी प्रकार का स्वास्थ्य जोखिम हो, उन्हें समय रहते उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का किया अवलोकन
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से कार्यक्रम के संचालन, लाभार्थियों की संख्या तथा उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दस्तक अभियान के तहत चल रही गतिविधियों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान बच्चों और परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचनी चाहिए तथा घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा कि अभियान के उद्देश्यों को गंभीरता से लेते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डॉ. चोपड़ा ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं बल्कि लोगों के विश्वास का भी केंद्र होता है।
यदि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार होगा तो स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर
सीएमएचओ ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सभी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- साफ-सफाई की नियमित निगरानी की जाए।
- दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- चिकित्सा उपकरण कार्यशील स्थिति में रहें।
- रिकॉर्ड का सही संधारण किया जाए।
- मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही विभाग की पहचान हैं।
स्वास्थ्य अमले से पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान
डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक कर्मचारी की सक्रिय भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है।
राज्य एवं सीपीएचसी सलाहकार भी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान राज्य स्तर और जिला स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर—
- राज्य सलाहकार सुश्री अनामिका निगवाल
- सीपीएचसी सलाहकार कैलाश चरपोटा
ने भी निरीक्षण में भाग लिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी और मैदानी निरीक्षण से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलती है।
सीएमएचओ डॉ. एम.एल. चोपड़ा का यह निरीक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से उम्मीद की जा रही है कि जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी तथा गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं अन्य मरीजों को समयबद्ध और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से जिले में नियमित निरीक्षण और समीक्षा का क्रम आगे भी जारी रहेगा।
