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Jammu- Kashmir विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन हंगामा, विधायकों ने इजरायल-अमेरिका विरोधी नारे लगाए

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Published On: 27 March 2026
Jammu Kashmir

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Jammu- Kashmir विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन हंगामा, विधायकों ने इजरायल-अमेरिका विरोधी नारे लगाए

Jammu- Kashmir विधानसभा में शुक्रवार, 27 मार्च को बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही भारी हंगामा देखने को मिला। नेशनल कांफ्रेंस (NC) के नेता उमर अब्दुल्ला और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के विधायकों ने सदन में ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। इस प्रदर्शन के दौरान ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई के बैनर भी लहराए गए।

सदन में मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने इसका विरोध करते हुए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के बैनर के साथ भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

Jammu-Kashmir विधानसभा में प्रदर्शन का क्रम

बजट सत्र की शुरुआत होते ही NC और PDP के विधायकों ने सदन के वेल में खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया। उनका उद्देश्य ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के विरोध में अपनी आवाज़ उठाना था। इसके विपरीत, बीजेपी विधायकों ने अपने झंडों और बैनरों के माध्यम से भारत माता की जय के नारे लगाए।

सदन में ‘अमेरिका हाय-हाय’ का भी शोर सुनाई दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने सदन में तनावपूर्ण माहौल बना दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मार्शल बुलाने पड़ गए।

काले कपड़े में विरोध

NC विधायक तनवीर सादिक और अन्य विपक्षी विधायकों ने काले कपड़े पहनकर सदन में प्रवेश किया। उनके माथे पर कुछ लिखा हुआ था, जो ईरान पर हो रहे हमलों के विरोध का प्रतीक था। इसके अलावा, बीजेपी विधायकों ने ‘जम्मू को इंसाफ दो’ और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के संबंध में मांग रखने वाले नारे लगाए।

विधायकों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिससे सदन की कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित हुई।

सदन आधे घंटे के लिए स्थगित

सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने बैनर और नारे लेकर आमने-सामने खड़े हो गए। स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि 20-25 मिनट के बाद सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

सदन दोबारा सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इस दौरान मार्शल की तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

राजनीतिक टकराव और हाथापाई का डर

हंगामे के बीच NC, PDP और कुछ निर्दलीय विधायकों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ लगातार नारे लगाए। दूसरी ओर, बीजेपी और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए। पीएम नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नारे लगने लगे।

मौका हाथापाई तक पहुँच सकता था, लेकिन मार्शल ने समय रहते हस्तक्षेप किया और बीच-बचाव किया। यह हंगामा विधानसभा की कार्यवाही में राजनीतिक टकराव का स्पष्ट उदाहरण साबित हुआ।

जनता दर्शन और विधायकों की मांगें

विधायकों ने न केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विरोध जताया, बल्कि स्थानीय मुद्दों को भी उठाया। बीजेपी के विधायक जम्मू में न्याय की मांग कर रहे थे, जबकि विपक्षी विधायकों ने खामेनेई और ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

सदन में सभी विधायक अपने-अपने बैनर और पोस्टर के माध्यम से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि विधानसभा में राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे दोनों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।

हंगामे का विश्लेषण

  1. अंतरराष्ट्रीय मुद्दे: ईरान पर हो रहे अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ विरोध ने हंगामा बढ़ाया। NC और PDP के विधायकों का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को स्थानीय राजनीतिक मुद्दों के साथ जोड़ता है।
  2. स्थानीय मांगें: बीजेपी विधायकों ने जम्मू में न्याय, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नागरिक मुद्दों को प्रमुखता दी। इससे स्पष्ट होता है कि सदन में केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्दे ही नहीं, बल्कि स्थानीय समस्याएं भी प्रमुख हैं।
  3. राजनीतिक टकराव: मोदी और राहुल गांधी के नारे लगाने से साफ हुआ कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर था। मार्शल को बीच-बचाव करना पड़ा, जिससे यह हंगामा गंभीर स्थिति में बदलने से बचा।

निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन का यह हंगामा दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के बीच न केवल स्थानीय मुद्दों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर भी मतभेद गहरा रहा है।

NC और PDP के प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को स्थानीय राजनीति के स्तर पर लाकर विधानसभा में हंगामा उत्पन्न किया। वहीं, बीजेपी के नारे और पोस्टर ने यह सुनिश्चित किया कि सत्ता पक्ष भी अपने मुद्दों को प्रमुखता से रख सके।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी बजट सत्र में भी विधानसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे की संभावना बनी हुई है।

सदन के स्थगित होने और मार्शल की तैनाती ने यह दिखाया कि प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के प्रभाव को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत भी है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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