भाजपा ने सात मोर्चों के प्रभारी किए घोषित, मध्यप्रदेश के दो नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
हरीश द्विवेदी को युवा, डी. पुरंदेश्वरी को महिला और सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति मोर्चे का प्रभार
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए अपने सात प्रमुख मोर्चों के नए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है।
नई सूची में मध्यप्रदेश के दो नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, जबकि लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा तथा आंध्र प्रदेश की वरिष्ठ नेता डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
सातों मोर्चों के प्रभारियों की पूरी सूची
भाजपा द्वारा घोषित मोर्चा प्रभारियों की सूची इस प्रकार है:
- युवा मोर्चा: हरीश द्विवेदी
- महिला मोर्चा: डी. पुरंदेश्वरी
- अनुसूचित जाति मोर्चा: संजय भाटिया
- अनुसूचित जनजाति मोर्चा: सतीश पूनिया
- अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा: बैजयंत पांडा
- किसान मोर्चा: लाल सिंह आर्य
- अल्पसंख्यक मोर्चा: गजेंद्र पटेल
नई नियुक्तियों के बाद संबंधित नेता अपने-अपने मोर्चों के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा
मध्यप्रदेश से आने वाले गजेंद्र पटेल को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी के तहत उन्हें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने, केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा मोर्चे की राष्ट्रीय और प्रदेश इकाइयों में समन्वय स्थापित करने का काम करना होगा।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी सहित विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पार्टी की गतिविधियां संचालित करता है। गजेंद्र पटेल की नियुक्ति को मध्यप्रदेश भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे की कमान
मध्यप्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। किसान मोर्चा पार्टी का एक महत्वपूर्ण संगठन है, जो ग्रामीण क्षेत्रों और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।
लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे की राष्ट्रीय और प्रदेश इकाइयों के कार्यक्रमों की निगरानी तथा संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी संभालनी होगी। खेती, सिंचाई, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि योजनाओं से जुड़े विषय किसान मोर्चे की गतिविधियों के केंद्र में रह सकते हैं।
हरीश द्विवेदी संभालेंगे युवा मोर्चा
उत्तर प्रदेश के बस्ती से पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। युवा मोर्चा पार्टी की सबसे सक्रिय संगठनात्मक इकाइयों में शामिल है। यह युवाओं, विद्यार्थियों और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का काम करता है।
आगामी चुनावों को देखते हुए युवाओं के बीच संगठनात्मक विस्तार भाजपा की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चे के राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठनों के बीच तालमेल स्थापित करने के साथ विभिन्न अभियानों की निगरानी करनी होगी।
डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा
आंध्र प्रदेश की वरिष्ठ भाजपा नेता डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है। महिला मतदाताओं के बीच पार्टी का आधार बढ़ाने और महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महिला मोर्चे की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
महिला मोर्चा महिला सशक्तीकरण, राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे विषयों पर पार्टी के कार्यक्रम आयोजित करता है। पुरंदेश्वरी के राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति मोर्चा
राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति मोर्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देश के कई राज्यों में आदिवासी मतदाता राजनीतिक रूप से निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में भाजपा अनुसूचित जनजाति समुदाय के बीच अपने संगठन को और मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
पूनिया को जनजातीय क्षेत्रों में संगठनात्मक कार्यक्रमों, केंद्र सरकार की योजनाओं और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय की जिम्मेदारी निभानी होगी।
संजय भाटिया को अनुसूचित जाति मोर्चा
संजय भाटिया को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्हें अनुसूचित जाति समुदाय के बीच पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने और मोर्चे की प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी मिलेगी।
अनुसूचित जाति मोर्चा सामाजिक न्याय, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित कार्यक्रमों पर काम करता है। आने वाले चुनावों को देखते हुए इस मोर्चे की सक्रियता बढ़ाई जा सकती है।
बैजयंत पांडा को OBC मोर्चे की जिम्मेदारी
ओडिशा के वरिष्ठ भाजपा नेता बैजयंत पांडा को अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। देश की चुनावी राजनीति में OBC मतदाताओं की बड़ी भूमिका है। ऐसे में भाजपा द्वारा अनुभवी नेता को इस मोर्चे की जिम्मेदारी देना संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पांडा को अलग-अलग राज्यों में OBC मोर्चे की गतिविधियों की समीक्षा करने, पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और पार्टी के सामाजिक विस्तार से जुड़े अभियानों को आगे बढ़ाने का काम करना होगा।
चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
भाजपा की इन नियुक्तियों को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दीर्घकालिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अपने अलग-अलग सामाजिक और वर्ग आधारित मोर्चों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों तक पहुंचती है।
नए प्रभारी राष्ट्रीय नेतृत्व और मोर्चों के पदाधिकारियों के बीच सेतु का काम करेंगे। वे कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और चुनावी रणनीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पार्टी की घोषणा के बाद सभी सात नेताओं की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं। अब संबंधित मोर्चों की बैठकों और आगामी कार्यक्रमों में नए प्रभारियों की भूमिका दिखाई देगी।
