एमपी बीजेपी में बड़ा फेरबदल तय: 60% नए चेहरे होंगे शामिल, नई कार्यकारिणी को दिल्ली से हरी झंडी का इंतज़ार
भोपाल, अक्टूबर 2025:
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रदेश संगठन में बड़े फेरबदल के संकेत साफ हैं। लगभग 60 प्रतिशत नए चेहरे शामिल किए जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ कई दौर की बैठकें पूरी कर ली हैं। तैयार सूची को अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया है।
97 दिन पूरे, अब नई टीम की तैयारी
हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष बने 97 दिन हो चुके हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी 2 जुलाई 2025 को सौंपी गई थी। तब से अब तक वे अपने पूर्ववर्ती वी.डी. शर्मा की बनाई टीम के साथ काम कर रहे हैं। खंडेलवाल ने इन तीन महीनों में प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं और जिला इकाइयों से लगातार बैठकें कीं, फीडबैक लिया और संगठन की मजबूती को लेकर रणनीति तैयार की।
अब वे अपनी टीम के साथ नई ऊर्जा और नए समीकरणों के साथ काम करने के मूड में हैं। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले ही नई कार्यकारिणी की घोषणा हो जाएगी, ताकि प्रदेश संगठन त्योहारी सीजन के बाद लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारियों पर पूरी ताकत से जुट सके।
वी.डी. शर्मा की टीम का अंत, नए चेहरों की एंट्री
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा का कार्यकाल 5 साल, 4 महीने और 17 दिन तक चला। उन्हें 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके नेतृत्व में पार्टी ने न केवल उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में सफलता पाई, बल्कि कोरोना काल की चुनौतियों का भी सामना किया।
हालांकि, कोरोना संकट के दौरान संगठन चुनाव टल जाने के कारण उनका कार्यकाल एक साल से अधिक तक बढ़ा दिया गया था। अब संगठन की नई संरचना में उनके कई करीबी पदाधिकारी या तो सांसद या विधायक बन चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, वी.डी. शर्मा की कार्यकारिणी में शामिल 8 पदाधिकारी अब सांसद और 8 विधायक बन चुके हैं। वहीं, पार्टी के किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा और महिला मोर्चा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भी अब सांसद या मंत्री हैं। यही वजह है कि अब संगठन में नए चेहरों को मौका देने का मन बना लिया गया है।
नई कार्यकारिणी में युवा और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
नई कार्यकारिणी में प्रदेश नेतृत्व ने युवा कार्यकर्ताओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की योजना बनाई है। हेमंत खंडेलवाल खुद संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और पार्टी की जमीनी संरचना से भलीभांति परिचित हैं। वे चाहते हैं कि संगठन में ऐसे चेहरों को जगह मिले जो कार्यकर्ता स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हों और चुनावी मोर्चों पर सक्रिय भूमिका निभा सकें।
सूत्र बताते हैं कि नई टीम में हर संभाग से संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पार्टी के पुराने अनुभवी नेताओं को मार्गदर्शन की भूमिका दी जाएगी।
दिल्ली से मंजूरी के बाद होगा ऐलान
सूत्रों का कहना है कि सूची को लेकर लगभग सभी स्तरों पर सहमति बन चुकी है। अब केवल केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष से हरी झंडी मिलते ही नई कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।
संभावना है कि इस कार्यकारिणी में प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, सह-मंत्री, और विभिन्न मोर्चों के प्रभारी सहित 100 से अधिक पदाधिकारी शामिल किए जाएंगे।
दिवाली से पहले संगठन को नई दिशा
पार्टी की रणनीति के मुताबिक, दिवाली से पहले नई कार्यकारिणी की घोषणा कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी। इसके बाद भाजपा प्रदेशभर में “संगठन सशक्तिकरण अभियान” चलाने की तैयारी कर रही है, जिसमें बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
नई टीम के गठन से संगठन में नई ऊर्जा और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बनेगा।
संक्षेप में – मुख्य बिंदु:
- एमपी भाजपा की नई कार्यकारिणी का मसौदा तैयार, दिल्ली भेजा गया।
- 60% पदाधिकारियों के चेहरे बदलने की संभावना।
- हेमंत खंडेलवाल को अध्यक्ष बने 97 दिन पूरे, दिवाली से पहले घोषणा संभव।
- वी.डी. शर्मा की टीम के कई सदस्य अब सांसद/विधायक।
- नई टीम में युवाओं, महिलाओं और ओबीसी वर्ग पर फोकस।
- केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद होगा ऐलान।
👉 निष्कर्ष:
मध्य प्रदेश भाजपा अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है, जहां पुरानी टीम की जगह नई पीढ़ी और नए नेतृत्व को मौका मिलेगा। आने वाले महीनों में यह टीम प्रदेश में पार्टी की संगठनात्मक और चुनावी रणनीति की रीढ़ बनेगी।

