—Advertisement—

बम्होरी में विश्व आदिवासी दिवस का भव्य जश्न, तीर-कमान लेकर निकली रैली; उठी आदिवासी चौराहे की मांग

Author Picture
Published On: 9 August 2026
WhatsApp Image 2026 08 09 at 5.03.46 PM

—Advertisement—

बम्होरी में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। पारंपरिक वेशभूषा में भव्य रैली निकली। भाजपा-कांग्रेस सहित कस्बावासियों ने आदिवासी समाज का स्वागत किया।

बम्होरी में विश्व आदिवासी दिवस: भव्य रैली से गूंजा कस्बा, आदिवासी चौराहे के नामकरण की मांग

बम्होरी में विश्व आदिवासी दिवस रविवार को पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ भव्य रैली के रूप में बम्होरी पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाज के लोगों ने हाथों में तीर-कमान लेकर आदिवासी नृत्य किया और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं का प्रदर्शन किया।

रैली जब रानी अवंतीबाई चौराहे पर पहुंची तो वहां उत्सव जैसा माहौल नजर आया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और कस्बावासी मौजूद रहे।

WhatsApp Image 2026 08 09 at 5.04.24 PM

कार्यक्रम में नजर आई सामाजिक एकजुटता

कार्यक्रम में कुंवर सूर्यजीत सिंह, सरपंच प्रतिनिधि राजेश बघेल एवं खैरी सरपंच सूरज सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनकी अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता की खास तस्वीर देखने को मिली।

सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि आदिवासी समाज के स्वागत के लिए बम्होरी के लोग एकजुट नजर आए। भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ ही कस्बे के अन्य लोगों ने भी आदिवासी समाज के लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।

स्वागत के दौरान राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग कार्यक्रम या स्वागत की तस्वीर दिखाई नहीं दी। इसके बजाय सभी ने मिलकर आदिवासी समाज के लोगों का सम्मान किया।

WhatsApp Image 2026 08 09 at 5.04.23 PM

पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य बना आकर्षण

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित रैली में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया।

हाथों में तीर-कमान और पारंपरिक परिधान में निकली रैली ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रैली के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान को प्रदर्शित किया।

राजपाल सिंह राजपूत का किया सम्मान

कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामपाल सिंह राजपूत के भतीजे राजपाल सिंह राजपूत भी शामिल हुए। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि राजेश बघेल ने उन्हें पीला गमछा पहनाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए आयोजन में सहभागिता की।

“हम आदिवासी हैं और आदिवासी ही रहेंगे”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुंवर सूर्यजीत सिंह ने आदिवासी समाज की पहचान और संस्कृति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “कुछ लोग हमें बनवासी कहना चाहते हैं, जबकि हम आदिवासी हैं और आदिवासी ही रहेंगे।”

उन्होंने समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया।

आदिवासी चौराहे के नामकरण की मांग

कार्यक्रम के दौरान सरपंच प्रतिनिधि राजेश बघेल ने पूर्व विधायक रामपाल सिंह राजपूत के समक्ष महत्वपूर्ण मांग रखी।

उन्होंने कहा कि बम्होरी के किसी प्रमुख चौराहे का नाम “आदिवासी चौराहा” रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार इससे आदिवासी समाज की पहचान, इतिहास और गौरव को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलेगा।

यह मांग कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख विषय रही।

बम्होरी में दिखी सामाजिक और राजनीतिक एकता

बम्होरी में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक और राजनीतिक एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली। आदिवासी समाज के लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी, पारंपरिक नृत्य और भव्य रैली ने पूरे कस्बे का माहौल उत्सवमय बना दिया।

भाजपा और कांग्रेस से जुड़े लोगों सहित कस्बावासियों द्वारा मिलकर आदिवासी समाज का स्वागत करना आयोजन की खास बात रही। कार्यक्रम ने सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।

आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान को समर्पित इस आयोजन में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक नृत्य ने पूरे बम्होरी को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया।

रिपोर्टर: पंडित विपिन शर्मा

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp