बम्होरी में निकला भव्य चल समारोह, अखाड़े में बच्चों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
बम्होरी। कस्बा बम्होरी में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के बीच भव्य चल समारोह निकाला गया। समारोह में आकर्षक और सुंदर झांकियां लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। वहीं वर्षों से चली आ रही अखाड़ा परंपरा को भी जीवंत रखा गया। अखाड़े में युवाओं के साथ बच्चों ने भी विभिन्न शौर्य प्रदर्शन और हैरतअंगेज करतब दिखाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
चल समारोह की शुरुआत राम मंदिर से हुई। इसके बाद यात्रा मुख्य बाजार, मस्जिद चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची, जहां समारोह का समापन किया गया। चल समारोह को लेकर पूरे कस्बे में उत्साह का माहौल रहा। मुख्य बाजार के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्रामीण एवं नगरवासी चल समारोह में शामिल हुए।
समारोह के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने झांकियों और अखाड़े के प्रदर्शन का स्वागत किया। आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। वहीं अखाड़े में बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने अपनी कला और साहस का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।
अखाड़े के आयोजन और संचालन में हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र आचार्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अखाड़े में भाग लेने वाले सदस्यों का सम्मान भी किया। अखाड़े के संचालन की जिम्मेदारी मोहन भैया लोधी, अनिल सोनी और पप्पू पटेल ने संभाली। केंद्रीय मंदिर समिति अध्यक्ष आशीष सोनी सहित समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी आयोजन में सहयोग किया।

व्यापार संघ अध्यक्ष विवेक जैन ने व्यापारियों से बाजार बंद रखकर चल समारोह में शामिल होने की अपील की थी। इसके चलते व्यापारियों ने आयोजन में सहयोग करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं और समारोह में सहभागिता की। चल समारोह में भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता तथा सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए।
चल समारोह के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ मौजूद रही। लोगों ने पूरे उत्साह के साथ झांकियों का आनंद लिया और अखाड़े में बच्चों एवं युवाओं के प्रदर्शन की सराहना की। धार्मिक जयकारों और उत्साह के बीच पूरा कस्बा भक्तिमय नजर आया।
आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में पंचायत सरपंच प्रतिनिधि राजेश बघेल तथा पुलिस विभाग का सहयोग रहा। पुलिस बल ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली, जिससे चल समारोह के दौरान व्यवस्था बनी रही।
चल समारोह के समापन के बाद धार्मिक विधि-विधान के साथ मूर्तियों का विसर्जन छीतापार घाट पर किया गया। विसर्जन के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह, धार्मिक उल्लास और सामूहिक सहभागिता का माहौल बना रहा।
