बाबा वटकेश्वर महादेव भक्तों का हाल जानने शाही ठाट-बाट से निकले नगर भ्रमण पर
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी सलामी, 100 से अधिक स्वागत मंचों से हुई पुष्पवर्षा; भव्य सावन सवारी में दिखे कई अद्भुत आकर्षण
सारंगपुर। सावन के चौथे सोमवार को धर्मनगरी सारंगपुर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी। नगर की धार्मिक एवं सामाजिक अग्रणी संस्था महादेव मित्र मंडल के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भगवान भूतभावन बाबा वटकेश्वर महादेव की भव्य एवं दिव्य शाही सावन सवारी निकाली गई। शाही ठाट-बाट के साथ निकली बाबा की सवारी में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान महादेव के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्थानीय वटकेश्वर महादेव मंदिर, गांधी चौक से बाबा महाकाल महाराज की पालकी का विधिवत पूजन मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल, नगरपालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल एवं महादेव मित्र मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश पुष्पद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं ने किया। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में बाबा की पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
मां कालीसिंध को चुनरी अर्पित कर किया जलाभिषेक
सवारी के दौरान बाबा वटकेश्वर महादेव की पालकी को मां कालीसिंध के मथुरा घाट ले जाया गया। यहां विधि-विधान से मां कालीसिंध को चुनरी अर्पित की गई तथा पवित्र जल से बाबा श्री महाकाल महाराज का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद बाबा की सवारी पुनः नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।
सवारी को परंपरागत राजकीय सम्मान भी प्रदान किया गया। 1/4 गार्ड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के साथ बाबा महाकाल महाराज को सलामी दी गई। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी सवारी में शामिल रहे।
शाही सवारी में दिखे अनेक आकर्षण
बाबा महादेव की सावन सवारी में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की अद्भुत झलक देखने को मिली। सवारी में भजन मंडलियां, नलखेड़ा की ताशा पार्टी, उज्जैन की बैंड पार्टी, गरबा पार्टी, ढोल पार्टी, कड़ाबिन, आर्यवीर दल कानड़ का बालिका अखाड़ा, आदिनाथ भगवान की झांकी सहित अनेक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं।
विशेष आकर्षण का केंद्र 500 से अधिक कलश लेकर सुसज्जित वेशभूषा में शामिल हुईं महिलाएं एवं बालिकाएं रहीं। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता की। ढोल-नगाड़ों, ताशों और बैंड की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। पूरे यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव और बाबा महाकाल के जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा।

100 से अधिक मंचों से हुआ भव्य स्वागत
बाबा महादेव की सावन सवारी के स्वागत के लिए नगरवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, समितियों एवं आम नागरिकों द्वारा 100 से अधिक स्वागत मंच बनाए गए थे। इन मंचों से बाबा की पालकी पर पुष्पवर्षा की गई तथा स्वागत किया गया।
श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह केले, फरियाली खिचड़ी, खीर, शीतल जल सहित विभिन्न प्रसादी एवं खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से बाबा के दर्शन किए। अनेक स्थानों पर महिलाओं और युवाओं ने धार्मिक भजनों एवं जयकारों के साथ सवारी का स्वागत किया।

इन मार्गों से निकली बाबा की सवारी
बाबा वटकेश्वर महादेव की शाही सवारी इंदौर नाका, पुराना बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौराहा, एबी रोड, नया बस स्टैंड, महात्मा फुले चौराहा, एबी रोड, परशुराम चौराहा, सिविल अस्पताल रोड, बागकुआं, टंकी रोड, रंगेरवाड़ी, जामा मस्जिद, मंडई चौक, सदर बाजार, महाकाल चौराहा एवं गांधी चौक होते हुए पुनः वटकेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां सवारी का समापन हुआ।

मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने बताया सवारी का धार्मिक महात्म्य
मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने बाबा महाकाल की सावन सवारी के धार्मिक महात्म्य को विशेष बताते हुए कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का पावन पर्व है। बाबा महाकाल की सवारी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था, परंपरा और जन-जन के भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
मंत्री डॉ गौतम टेटवाल ने कहा कि सनातन परंपरा में भगवान शिव को भूतभावन, आशुतोष और भक्तवत्सल माना गया है। बाबा महादेव जब सावन में नगर भ्रमण पर निकलते हैं तो यह भाव और मजबूत होता है कि भगवान अपने भक्तों के बीच स्वयं पहुंचकर उनकी कुशलक्षेम जान रहे हैं। सवारी के दौरान हर वर्ग के लोग बाबा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और महादेव से सुख, शांति, समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। सारंगपुर की यह परंपरा हमारी धार्मिक विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करने वाली है।
मंत्री डॉ गौतम टेटवाल ने कहा कि बाबा वटकेश्वर महादेव की सावन सवारी में जिस प्रकार हजारों श्रद्धालु एक साथ शामिल हुए, वह सारंगपुर की धार्मिक चेतना और महादेव के प्रति अटूट आस्था का प्रमाण है। ऐसी परंपराएं हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती हैं।
भक्तों का हाल जानने निकलते हैं महादेव
महादेव मित्र मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश पुष्पद ने कहा कि बाबा वटकेश्वर महादेव की सावन सवारी का उद्देश्य केवल नगर भ्रमण नहीं, बल्कि भगवान शिव के भक्तवत्सल स्वरूप का दर्शन कराना है। मान्यता है कि महादेव मंदिर या कैलाश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी प्रजा और भक्तों का हाल जानने स्वयं नगर में भ्रमण करते हैं। बाबा अपने भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हैं, उनके सुख-दुख में सहभागी होते हैं और उनकी रक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि सवारी के दौरान नगरवासियों द्वारा जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ बाबा का स्वागत किया गया, वह सारंगपुर की धार्मिक एवं सामाजिक एकता का परिचायक है।
इस अवसर पर कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, नगरपालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल, महादेव मित्र मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश पुष्पद सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
शाही सावन सवारी के दौरान पूरा सारंगपुर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा महाकाल” के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धा, उल्लास और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि सारंगपुर की आस्था में बाबा वटकेश्वर महादेव का स्थान अत्यंत विशेष है।
