पड़ाना में बाबा रामदेव की झांकी सजाकर निकाली शोभायात्रा, रातभर गूंजे भजन
भादो मास की दशमी पर हाट बाजार स्थित मंदिर में चढ़ाया गया ध्वज निशान; महाआरती में बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु
रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। भादो मास की दशमी पर हाट बाजार स्थित बाबा रामदेव मंदिर में वार्षिक धार्मिक आयोजन हुआ। मंदिर की विशेष साज-सज्जा की गई और बाबा रामदेव की झांकी सजाकर नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। शाम को ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ शुरू हुआ आयोजन रातभर जागरण तक चला। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और महाआरती में भाग लिया।
ध्वज निशान लेकर शोभायात्रा में आगे चले श्रद्धालु
सोमवार शाम करीब 6 बजे बाबा रामदेव की झांकी के साथ शोभायात्रा शुरू हुई। श्रद्धालु देवकरण धनगर बाबा रामदेव का ध्वज निशान लेकर शोभायात्रा में आगे चल रहे थे। उनके पीछे झांकी और भजन-कीर्तन करते हुए अन्य श्रद्धालु चले। शोभायात्रा माली मोहल्ला, पटेल मोहल्ला, दर्जी समाज क्षेत्र, श्रीराम मंदिर, गांधी चौक, बस स्टैंड और सदर बाजार से होते हुए हाट बाजार स्थित बाबा रामदेव मंदिर पहुंची।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के जयकारे लगाए। ढोल-नगाड़ों की धुन और भजनों के साथ चल रहे लोगों में उत्साह दिखाई दिया। नगर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए जब शोभायात्रा मंदिर पहुंची, तो वहां ध्वज निशान चढ़ाने और महाआरती की तैयारी की गई।
वर्ष में एक बार चढ़ाया जाता है ध्वज निशान
आयोजकों के अनुसार, इस मंदिर में बाबा रामदेव का ध्वज निशान वर्ष में एक बार भादो मास की दशमी पर चढ़ाया जाता है। इसी वार्षिक परंपरा के तहत शोभायात्रा में ध्वज निशान लाया गया। मंदिर के पुजारी द्वारका प्रसाद शर्मा ने पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद ध्वज निशान की आरती की गई और उसे मंदिर परिसर में चढ़ाया गया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की ओर से बोली भी लगाई गई। दी गई जानकारी के अनुसार, पुजारी द्वारका प्रसाद शर्मा ने 15 हजार 151 रुपये की बोली लगाकर बाबा रामदेव और ध्वज निशान की आरती की। अन्य भक्तों ने भी अपनी ओर से धनराशि अर्पित की। इसके बाद हुई महाआरती में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा रामदेव के दर्शन किए।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, रातभर चला जागरण
शोभायात्रा और महाआरती के बाद मंदिर परिसर में रात्रि जागरण आयोजित किया गया। ममता साहब और उनकी टीम ने भजनों की प्रस्तुति दी। राजस्थान से आए कलाकारों ने भी भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु झूमे और देर रात तक बाबा रामदेव के जयकारे गूंजते रहे।
आयोजकों ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भादो मास की दशमी पर मंदिर में विशेष कार्यक्रम रखे गए थे। दिन में मंदिर को सजाया गया, शाम को झांकी के साथ शोभायात्रा निकली और रात में जागरण हुआ। इस तरह पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं को शोभायात्रा, ध्वज निशान चढ़ाने की परंपरा और भजन-कीर्तन में शामिल होने का अवसर मिला।
आयोजन में समाजजन और पुलिस रहे मौजूद
कार्यक्रम में संचालक कैलाश नारायण सेन, भागीरथ धनगर, देवकरण धनगर, हरि प्रसाद धनगर, प्रेम नारायण धनगर, हीरालाल धनगर, हेमराज धनगर, अनार सिंह धनगर, दीपक धनगर, बाबू धनगर, पवन धनगर, लोकेन गुर्जर, नेमीचंद राठौर, कैलाश नारायण राठौर, अनिल राठौड़, ओम परमार, पत्रकार रामबाबू सेन, कैलाश टेलर, कमल परमार, धर्मेंद्र राठौर, विष्णु प्रसाद बैरागी, दिनेश कुंभकार, दिनेश धनगर और श्याम वकील सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा और मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पड़ाना चौकी के अशोक यादव तथा पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने के लिए मौजूद रहे। रातभर चले जागरण के साथ बाबा रामदेव मंदिर का वार्षिक आयोजन संपन्न हुआ।
