Tikamgarh में स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, कम प्रदर्शन पर कलेक्टर नाराज
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने के दिए निर्देश, कुपोषित बच्चों और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के उपचार पर विशेष जोर
Tikamgarh । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, पोषण योजनाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। कम प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने सुधार लाने के निर्देश दिए।
एनीमिया नियंत्रण और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर जोर
बैठक में एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम, प्रथम एएनसी पंजीयन और डिलीवरी से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित जानकारियां नियमित रूप से अपडेट की जाएं, ताकि योजनाओं की प्रगति की सही स्थिति सामने आ सके।
उन्होंने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने, जरूरत के अनुसार अस्पताल में भर्ती कराने और उचित उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही एमडीआर-सीडीआर रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को मातृ स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश
कुपोषण नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। इसके साथ ही बच्चों के परिजनों को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), टीबी मुक्त भारत अभियान और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रियता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक सेवाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

पोषण ट्रैकर और आंगनवाड़ी सेवाओं की समीक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने सभी सुपरवाइजर को क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाने और नियमित रूप से योजनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सैम, मैम, सुव सैम और एसयूडब्ल्यू से संबंधित रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। कम प्रदर्शन करने वाले सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शीर्ष दो सुपरवाइजर और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाना है।
लाड़ली लक्ष्मी और पीएम मातृ वंदना योजना पर भी चर्चा
बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला सहित सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु कल्याण और पोषण संबंधी योजनाओं की प्रगति में सुधार लाना तथा कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना रहा।
