नागदा दसलक्षण महापर्व का समापन, उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना हुई
अनंत चतुर्दशी पर निकला चल समारोह, श्री वासुपूज्य भगवान का निर्वाण लाडू किया समर्पित
नागदा। प्रमोद कुमार जैन। दिगंबर जैन समाज द्वारा दसलक्षण महापर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं अनंत चतुर्दशी पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। समाजजनों ने तप, त्याग और संयम के साथ धर्माराधना कर आत्मशुद्धि का संकल्प लिया।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्री वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक भी मनाया गया। सुबह मंदिरजी में भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि संपन्न हुई। शांतिधारा का लाभ सचिन बड़जात्या परिवार एवं रमेश जैन पिड़ावा वाले परिवार ने लिया। वहीं श्री वासुपूज्य भगवान के निर्वाण कल्याणक के निमित्त निर्वाण लाडू समर्पित करने का सौभाग्य प्रेमलता जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकला चल समारोह
दोपहर करीब 3.30 बजे मंदिरजी से धार्मिक चल समारोह प्रारंभ हुआ। यह शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिरजी पहुंचा। धार्मिक जयघोष के बीच बड़ी संख्या में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। चल समारोह के मंदिर पहुंचने के बाद भगवान का जलाभिषेक किया गया।
जलाभिषेक का लाभ डॉ. ज्ञानचंद शीलचंद जैन परिवार, हितेश फंदोत परिवार, प्रेमलता जैन परिवार एवं एसपी जैन परिवार ने लिया।
आत्मसंयम और पवित्रता का संदेश
समाज के अध्यक्ष सुनील जैन एवं सचिव मुकेश जैन ने बताया कि दसलक्षण महापर्व का अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के माध्यम से आत्मसंयम, पवित्रता और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। दस दिनों तक चली धर्माराधना, तप, त्याग और संयम के बाद समाजजनों ने अनंत चतुर्दशी पर उपवास, एकासन एवं अन्य धार्मिक साधनाओं के साथ दसलक्षण महापर्व का श्रद्धापूर्वक समापन किया।
