भरनाखेड़ा के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों से ताला लगवाने का आरोप, जांच की मांग
औचक भ्रमण के बाद राजकुमार विश्वकर्मा ने शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन पर उठाए सवाल; सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
शमशाबाद (भरनाखेड़ा)। विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला भरनाखेड़ा में विद्यार्थियों से विद्यालय बंद कराने और ताला लगवाने का आरोप लगा है। अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने विद्यालय के औचक भ्रमण के बाद यह मुद्दा उठाया। उनका दावा है कि भ्रमण के दौरान जिम्मेदार शिक्षक भी समय पर उपस्थित नहीं मिले। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कर विद्यालय की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
विद्यार्थियों को ताला लगाने की जिम्मेदारी देने का आरोप
विश्वकर्मा के अनुसार, विद्यालय के भ्रमण के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि स्कूल बंद करने और ताला लगाने का काम विद्यार्थियों से कराया जाता है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए पूछा कि विद्यालय बंद करने की जिम्मेदारी बच्चों को किस आधार पर दी जा रही है। उनका कहना है कि स्कूल परिसर और उसकी सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए जिम्मेदार वयस्क कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि विद्यालय खुलने और बंद होने के समय कौन कर्मचारी उपस्थित रहता है। साथ ही, विद्यार्थियों से ताला लगवाने के आरोप की जांच कर संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। विश्वकर्मा का कहना है कि बच्चों का समय पढ़ाई के लिए है और विद्यालय संचालन का काम उन पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
शिक्षक समय पर नहीं मिले, उपस्थिति रिकॉर्ड जांचने की मांग
राजकुमार विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि औचक भ्रमण के दौरान विद्यालय में जिम्मेदार शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से ही कक्षाओं का संचालन और विद्यार्थियों की देखरेख सुनिश्चित की जा सकती है। यदि उपस्थिति में कोई कमी है, तो उसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
विश्वकर्मा ने अधिकारियों से विद्यालय के उपस्थिति रिकॉर्ड और संचालन व्यवस्था की जांच करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि निरीक्षण के समय कौन-कौन शिक्षक उपस्थित थे और कौन अनुपस्थित था, यह विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रभारी की भूमिका की भी समीक्षा करने की मांग की है।
पूर्व में भी शिकायतें सामने आने का दावा
विश्वकर्मा का दावा है कि विद्यालय के पिछले निरीक्षण के दौरान भी अनियमितताएं देखने को मिली थीं। उन्होंने कहा कि बार-बार मुद्दे सामने आने के बावजूद यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है, तो शिक्षा विभाग को इसकी वजह पता करनी चाहिए। हालांकि, पिछले निरीक्षण की तारीख और उस समय सामने आई कमियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी से आग्रह किया है कि वे विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लें और जांच के आधार पर जरूरी कदम उठाएं। विश्वकर्मा ने कहा कि जांच में किसी शिक्षक, कर्मचारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आग्रह है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी देखरेख की व्यवस्था भी दुरुस्त की जाए।
सुधार नहीं हुआ तो घेराव की चेतावनी
अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि विद्यालय की व्यवस्था जल्द नहीं सुधरी तो उनका संगठन शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेगा। उन्होंने विभाग का घेराव और तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। विश्वकर्मा के अनुसार, वह इस मुद्दे को समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए भी अधिकारियों के संज्ञान में ला रहे हैं।
विद्यार्थियों से ताला लगवाने और शिक्षकों के समय पर उपस्थित न होने संबंधी बातें फिलहाल विश्वकर्मा के आरोप हैं। उपलब्ध विवरण में विद्यालय प्रबंधन या शिक्षा विभाग का पक्ष नहीं है। विभागीय जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
