मलवाड़ा घाट पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए कृत्रिम कुंड तैयार, नर्मदा नदी की स्वच्छता पर जोर
ग्राम पंचायत नर्मदानगर ने नए पुल के समीप जेसीबी से कराया निर्माण; अनंत चतुर्दशी पर व्यवस्था के लिए प्रशासन से मांगा सहयोग
नर्मदानगर। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ग्राम पंचायत नर्मदानगर ने मलवाड़ा घाट पर कृत्रिम कुंड तैयार कराया है। मनावर और निसरपुर क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम मलवाड़ा में नए पुल के समीप इस कुंड का निर्माण किया गया है। इसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों से आने वाली प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नदी से अलग एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना और नर्मदा नदी की स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
बैठक में तय हुआ विसर्जन स्थल
कुंड निर्माण से पहले नर्मदानगर के सरपंच विप्लव मुजाल्दा, नवांकुर संस्था के प्रतिनिधियों और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था पर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने मलवाड़ा घाट और नए पुल के आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर नर्मदा नदी तट के समीप, नदी से अलग स्थान पर कृत्रिम कुंड बनाने का निर्णय लिया।
स्थान चयन के बाद ग्राम पंचायत ने जेसीबी की सहायता से गड्ढे का निर्माण कराया। योजना के अनुसार, आसपास के क्षेत्रों से मलवाड़ा घाट लाई जाने वाली गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इस कुंड में किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को विसर्जन के लिए एक निर्धारित स्थल मिलेगा।
नर्मदा संरक्षण से जुड़ी पहल
गणेश उत्सव के समापन पर प्रतिमा विसर्जन धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मलवाड़ा घाट पर तैयार कृत्रिम कुंड के माध्यम से आयोजकों ने आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया है। कुंड का उपयोग होने से प्रतिमाओं को सीधे नर्मदा नदी में विसर्जित करने की आवश्यकता कम हो सकती है।
जन अभियान परिषद से जुड़े इस प्रयास में नवांकुर संस्था और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने कहा कि नदी और घाट की स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय समुदाय का सहयोग जरूरी है। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं तक कृत्रिम कुंड की जानकारी पहुंचाने और उन्हें निर्धारित स्थान पर विसर्जन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
अनंत चतुर्दशी पर प्रशासनिक सहयोग मांगा
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। इस संबंध में निसरपुर चौकी प्रभारी और कुक्षी तहसीलदार को आवेदन दिया गया। आवेदन में विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग का आग्रह किया गया है।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए स्थान पहले से तय होने पर घाट पर आने वाले लोगों को सुविधा होगी। कुंड का उपयोग सुचारु रूप से हो, इसके लिए श्रद्धालुओं को उसके स्थान की जानकारी होना भी जरूरी है। ग्राम पंचायत और आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों ने लोगों से विसर्जन के दौरान घाट को साफ रखने तथा निर्धारित कुंड का उपयोग करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों ने की कार्य की सराहना
कृत्रिम कुंड के निर्माण के दौरान मौजूद लोगों ने ग्राम पंचायत की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी से अलग स्थान तैयार करना नर्मदा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। यदि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु इस व्यवस्था का उपयोग करेंगे, तो विसर्जन प्रक्रिया को एक स्थान पर संचालित करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर सरपंच विप्लव मुजाल्दा, भारत मुजाल्दा, पंडित भास्कर पांडे, नर्मदा समग्र से मोतीलाल परमार, निसरपुर नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि योगेश मंडलोई, सावन जाट, प्रवीण दास बैरागी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने अनंत चतुर्दशी पर श्रद्धालुओं से कृत्रिम कुंड में ही प्रतिमा विसर्जन करने और नर्मदा घाट की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग देने का आग्रह किया।
