जावरा डोल ग्यारस: भाजपा नगर मंडल ने झूला-झांकियों और अखाड़ों का किया भव्य स्वागत, पहलवानों का सम्मान
रिपोर्टर: संदीप रांका, जावरा
जावरा। जावरा डोल ग्यारस के पावन अवसर पर नगर में निकली विभिन्न झूला-झांकियों एवं अखाड़ों की शोभायात्रा का भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल जावरा द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया। जल झूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और पारंपरिक संस्कृति का संगम देखने को मिला। नगर में निकली झांकियों और अखाड़ों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक मौजूद रहे।
मीडिया प्रभारी संदीप रांका जावरा ने जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा नगर मंडल द्वारा विभिन्न झूला-झांकियों का स्वागत किया गया। इस दौरान अखाड़ों के उस्तादों एवं पहलवानों को शाल-साफा पहनाकर तथा पुष्पमाला अर्पित कर सम्मानित किया गया।
जावरा डोल ग्यारस पर अखाड़ों ने दिखाया पारंपरिक शौर्य
जावरा डोल ग्यारस आयोजन के दौरान अखाड़ों के पहलवानों ने अपने पारंपरिक खेल एवं शौर्य का प्रदर्शन किया। पहलवानों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक झांकियों के दर्शन करने के साथ अखाड़ों के पारंपरिक प्रदर्शन का भी आनंद लिया।
झूला-झांकियों और अखाड़ों की शोभायात्रा के दौरान नगर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। अलग-अलग स्थानों पर नागरिक आयोजन को देखने पहुंचे।
राजेश शर्मा और प्रांजल पाण्डेय रहे मौजूद
स्वागत कार्यक्रम में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा एवं भाजपा युवा नेता प्रांजल पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ भाजपा नगर मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता करते हुए नगर में निकली झूला-झांकियों एवं अखाड़ों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मनोहर पांचाल, घनश्याम सोलंकी, गुरु संदीप जी रांका, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष नंदकिशोर महावार, सत्यनारायण पांचाल, गौरव सोनी, तेजनाथ गांधी, मोतीलाल यादव, शरीफ कुरैशी, मनोज पांचाल और सागर गोल्डी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की दिखी झलक
जल झूलनी एकादशी के अवसर पर आयोजित जावरा डोल ग्यारस कार्यक्रम में धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने झांकियों के दर्शन किए। वहीं अखाड़ों के उस्तादों और पहलवानों के पारंपरिक प्रदर्शन ने आयोजन में अलग रंग भर दिया।
डोल ग्यारस के अवसर पर निकली झूला-झांकियों एवं अखाड़ों के स्वागत के दौरान शहर में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल दिखाई दिया। आयोजन में जावरा की धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आपसी सौहार्द की झलक देखने को मिली।
