₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR के विरोध में व्यापारियों का जागरूकता अभियान, 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान
Nagda। ₹2,000 से अधिक के पात्र व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर लागू 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में व्यापारी महासंघ नागदा द्वारा जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। मंगलवार को सकलेचा सुपर बाजार, एप्रोच रोड पर जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया। इसके बाद नगर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाए गए। अभियान के माध्यम से व्यापारियों और ग्राहकों को यूपीआई शुल्क व्यवस्था की जानकारी देने के साथ ही 23 सितंबर को प्रस्तावित ‘नो यूपीआई डे’ में सहभागिता का आह्वान किया जा रहा है।
व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने कहा कि एक यूपीआई भुगतान पर व्यापारियों को तीन तरह के वित्तीय भार का सामना करना पड़ सकता है। उनके अनुसार, इसमें इनकम टैक्स, जीएसटी और यूपीआई एमडीआर शामिल हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। महासंघ की ओर से नगर के अधिक से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जागरूकता पोस्टर लगाने की योजना है।

सरकार के स्पष्टीकरण का दिया हवाला
खबर में दिए गए केंद्र सरकार के 15 सितंबर 2026 के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, ₹2,000 तक के पी2एम (Person to Merchant) यूपीआई भुगतान पर एमडीआर नहीं लगेगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर एमडीआर अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन तक सीमित रहने की जानकारी दी गई है। छोटे व्यापारियों की निर्धारित पी2पीएम श्रेणी को शून्य एमडीआर व्यवस्था में रखने की बात भी कही गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमडीआर कोई सरकारी टैक्स नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े भागीदारों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है।
कपड़ा, मेडिकल और हार्डवेयर प्रतिष्ठानों पर लगेंगे पोस्टर
व्यापारी महासंघ के अभियान के तहत नगर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों और प्रतिष्ठानों तक जागरूकता अभियान पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इनमें कपड़ा व्यापारी, तेल व्यापारी, जनरल स्टोर, किराना दुकान, हार्डवेयर, मेडिकल स्टोर, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, स्टेशनरी, बर्तन, नमकीन, मिठाई, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
इसके अलावा स्कूल, शैक्षणिक संस्थान, सब्जी विक्रेता, सुपर बाजार, डेली कलेक्शन और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी संस्थाओं तक भी पोस्टर पहुंचाने की बात कही गई है। महासंघ का उद्देश्य अधिक से अधिक व्यापारियों को 23 सितंबर के विरोध कार्यक्रम से जोड़ना है।
23 सितंबर को यूपीआई और क्यूआर भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील
महासंघ अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश स्तर पर किए जा रहे ‘नो यूपीआई डे’ के आह्वान के समर्थन में नागदा के व्यापारी भी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे। इस दिन व्यापारियों से यूपीआई और क्यूआर स्कैन के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील की जाएगी।
महासंघ के सचिव रमेश जी मेहता और कोषाध्यक्ष अंकित सेठिया ने कहा कि पोस्टरों के माध्यम से व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नगर के सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों और प्रतिष्ठानों तक अभियान पहुंचाया जाएगा।
विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
अभियान के दौरान अमित ओझा, दूध व्यापारी अध्यक्ष रमेश चंद्रपाल, ऑटो डील अध्यक्ष गोपाल सलूजा, डिस्पोजल संघ अध्यक्ष बृजमोहन टॉक, खाद-बीज संघ अध्यक्ष आशीष कोठारी, विकास सिंदल, सज्जन सिंह शेखावत, वीरेंद्र जैन, दुर्गेश नागर, सुशील सकलेचा, नवीन पोरवाल, शिवनारायण सोलंकी, दिलीप औरा, अनिल पोरवाल, रणछोड़ राठी और पेट्रोल पंप अध्यक्ष बद्रीलाल पोरवाल सहित विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों के व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापारी महासंघ ने ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ और ‘मजबूत व्यापारी-मजबूत भारत’ के संदेश के साथ व्यापारियों से 23 सितंबर के ‘नो यूपीआई डे’ में एकजुट होकर सहभागिता करने का आह्वान किया।
