श्मशान का रास्ता दलदल में बदला, सड़क पर रखनी पड़ी अर्थी; प्रशासन ने रुकवाया अंतिम संस्कार
बम्होरी-बटेरा मुख्य मार्ग पर लकड़ियां रखकर अंतिम संस्कार की तैयारी, प्रशासन ने समझाकर शव को नर्मदा तट भेजा
बम्होरी। बारिश के बाद श्मशान घाट तक पहुंचने वाला रास्ता दलदल में तब्दील होने से ग्राम खैरी मुंगली, ब्लॉक बाड़ी, तहसील बरेली में एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को श्मशान घाट का रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा होने के कारण परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए वहां तक नहीं ले जा सके। इसके बाद बम्होरी-बटेरा मुख्य मार्ग पर ही अर्थी रखकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार रुकवाया। बाद में शव को ग्राम केतोघान स्थित नर्मदा तट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया।
श्मशान घाट तक नहीं पहुंच सके परिजन
ग्राम निवासी विजय सिंह आदिवासी के पिता खेमचंद आदिवासी की माता मंगों बाई का रात में निधन हो गया था। मंगलवार सुबह परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाने निकले। हालांकि, बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ और दलदल हो गया था। इस वजह से शव को श्मशान तक ले जाना संभव नहीं हो सका।
परिजनों और ग्रामीणों के सामने अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना चुनौती बन गया। रास्ता खराब होने के कारण उन्हें वैकल्पिक स्थान पर अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी।
मुख्य मार्ग पर रखी अर्थी, लकड़ियां जमा कीं
श्मशान घाट तक पहुंचने में असमर्थ होने के बाद बम्होरी-बटेरा मुख्य मार्ग पर अर्थी रखी गई। शव के ऊपर लकड़ियां जमा कर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान प्रशासन को घटना की जानकारी मिली।
सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रुकवाया। अधिकारियों ने लकड़ियां हटवाकर शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद परिजनों को समझाया गया और अंतिम संस्कार के लिए ग्राम केतोघान स्थित नर्मदा तट ले जाने की व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने श्मशान घाट तक पहुंचने वाले रास्ते की बदहाली को लेकर सरपंच और सचिव पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि रास्ते की समस्या के संबंध में कई बार सूचना देने के साथ आवेदन भी दिए गए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दौरान सरपंच और सचिव मौके पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि श्मशान घाट तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति जल्द सुधारी जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित
मुख्य मार्ग पर अर्थी रखकर अंतिम संस्कार की तैयारी किए जाने से बम्होरी-बटेरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बनने की बात भी सामने आई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शव को वहां से हटाकर अंतिम संस्कार के लिए नर्मदा तट ले जाया गया।
ग्रामीणों ने श्मशान घाट के रास्ते को दुरुस्त कराने और बारिश के दौरान आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
नायब तहसीलदार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
नायब तहसीलदार योगेश शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों को समझाकर अंतिम संस्कार नर्मदा जी में कराया गया। श्मशान घाट के रास्ते की समस्या संज्ञान में आई है और जल्द आवश्यक कार्रवाई कर रास्ता दुरुस्त कराया जाएगा।
पटवारी गौतम ने बताया कि उनकी पोस्टिंग करीब एक माह पहले हुई है और उन्हें समस्या की जानकारी अब मिली है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि प्रशासन श्मशान घाट तक पहुंचने वाले रास्ते की समस्या का जल्द समाधान करेगा, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।
