बम्होरी के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म मनाया गया। श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और रात्रि में संगीतमय आरती हुई।
पर्युषण पर्व के छठवें दिन मनाया उत्तम संयम धर्म, चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में गूंजे भक्ति के स्वर
श्रीजी का अभिषेक-शांतिधारा कर श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ, रात्रि में संगीतमय आरती का आयोजन
बम्होरी। पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर छठवें दिन उत्तम संयम धर्म श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कस्बे के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में सुबह श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। धार्मिक अनुष्ठानों में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।
श्रद्धालुओं ने किया श्रीजी का अभिषेक
अभिषेक कार्यक्रम में प्रथम अभिषेक का सौभाग्य सुभाष कुमार जैन बम्होरी एवं आशीष जैन, द्वितीय अभिषेक बसंत कुमार जैन एवं विपिन जैन, तृतीय अभिषेक बसंत कुमार जैन बम्होरी एवं नीरज जैन तथा चतुर्थ अभिषेक का सौभाग्य विनीत कुमार जैन एवं आदित्य जैन को प्राप्त हुआ।
इसके बाद श्रीजी की शांतिधारा संपन्न हुई। प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य बसंत कुमार जैन एवं विपुल जैन परिवार को मिला, जबकि द्वितीय शांतिधारा के पात्र बसंत कुमार जैन एवं पंकज जैन परिवार रहे।
पंडित उद्देश्य जैन के जन्मदिन पर हुई शांतिधारा
इस अवसर पर सांगानेर से पधारे विद्वान उद्देश्य जैन पंडित जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भी शांतिधारा का आयोजन किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
रात्रि में संगीतमय आरती
रात्रि में चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में संगीतमय आरती एवं भक्तिभाव से ओतप्रोत धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर श्रीजी की भक्ति की।
पर्युषण पर्व के दौरान जैन समाज द्वारा प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। छठवें दिन उत्तम संयम धर्म के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आत्मसंयम, अनुशासन और सदाचरण को जीवन में अपनाने का संदेश ग्रहण किया।
