पाल्याकला में पारंपरिक तेजाजी मेले का शुभारंभ, तेजा दशमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
सोमवार को दिनभर लगेगा मेला; रात 8 बजे भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित
संवाददाता: जीवनलाल जैन
नागदा। पाल्याकला स्थित नवकली नाग महाराज एवं वीर तेजाजी महाराज मंदिर परिसर में रविवार को पारंपरिक तेजाजी मेले का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन मंदिर में कलश पूजन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान और पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। सोमवार को तेजा दशमी पर नागदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मेले को लेकर नगर पालिका प्रशासन और मेला समिति ने मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में विद्युत सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की है। आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालुओं और व्यापारियों की सुविधा के लिए पेयजल, स्वच्छता और आवागमन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
कलश पूजन के साथ शुरू हुआ आयोजन
शुभारंभ से पहले मंदिर में पंडित के मार्गदर्शन में कलश पूजन किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने नवकली नाग महाराज और वीर तेजाजी महाराज की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अतिथियों ने मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष संतोष गेहलोत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विजय पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री राकेश यादव, बिरलाग्राम मंडल अध्यक्ष प्रकाश जैन और ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गोवर्धन परिहार सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पार्षदों, मेला समिति एवं मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
तेजा दशमी पर चढ़ाए जाएंगे निशान
सोमवार को तेजा दशमी के अवसर पर श्रद्धालु वीर तेजाजी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पाल्याकला पहुंचेंगे। परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु मंदिर में निशान चढ़ाकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे। आयोजकों को नागदा के साथ आसपास के गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों से भी लोगों के आने की उम्मीद है।
वीर तेजाजी महाराज के प्रति लोक आस्था विशेष रूप से सर्पदंश और जहरीले जीव-जंतुओं से रक्षा की मान्यता से जुड़ी है। इसी आस्था के कारण तेजा दशमी पर मंदिरों में विशेष पूजा और दर्शन का आयोजन होता है। पाल्याकला में लगने वाला मेला भी वर्षों से स्थानीय लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की भागीदारी का केंद्र रहा है।
भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
मेले के पहले दिन रविवार रात वीर तेजाजी महाराज की कथा और भजन संध्या का कार्यक्रम रखा गया। सोमवार को दिनभर मेला लगेगा। शाम के बाद भी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रहेंगी।
आयोजकों के अनुसार, सोमवार रात 8 बजे सोनू शर्मा आर्ट ग्रुप, नई दिल्ली, भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देगा। श्रद्धालुओं के लिए ये कार्यक्रम मेले के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजन समिति ने लोगों से कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।
व्यापारियों और श्रद्धालुओं की सुविधा पर ध्यान
मेले में आने वाले व्यापारियों के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। नगर पालिका प्रशासन और मेला समिति ने मेला क्षेत्र में प्रकाश तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास स्वच्छता, पेयजल एवं भीड़ प्रबंधन पर ध्यान देने की बात भी कही गई है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मेले में भाग लेने का आग्रह किया है। विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मेले को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा आयोजन बताया तथा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की जानकारी नगर मंडल के मीडिया प्रभारी नितेश मेहता ने दी।
