खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव में नन्हे संघपतियों की भव्य यात्रा निकली। तपस्वियों का बहुमान हुआ और भगवान के रथ दर्शन के लिए बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन उमड़े।
खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव: नन्हे संघपतियों ने दिया धर्म-संस्कार का संदेश, तपस्वियों की हुई भव्य अनुमोदना
सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव में भगवान के रथ दर्शन के लिए उमड़ा धर्मप्रेमी समाज
खाचरौद (ब्रजेश बोहरा)। खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव के अवसर पर रविवार को खाचरौद नगरी धर्म, तप, त्याग एवं संस्कारों के मंगल संदेश से गुंजायमान रही। गुरूराज जन्म द्विशताब्दी “सुयं मे” वर्षावासोत्सव–3 चातुर्मास के अंतर्गत पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा की समुदायवर्ती साध्वी श्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. आदि ठाणा–4 की निश्रा में सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
नन्हे बच्चों की संघ यात्रा बनी मुख्य आकर्षण
आयोजन का मुख्य आकर्षण नन्हे बच्चों की संघ यात्रा रही। पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने बाल संघपति बनकर धार्मिक यात्रा में सहभागिता की। राजेन्द्र सूरि पौषधशाला से नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर तक निकली इस यात्रा में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।
उनकी मासूम मुस्कान, धार्मिक भाव एवं अनुशासन ने समाजजनों का मन मोह लिया। यह यात्रा नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी दे गई।
45 आगम एकासन तपस्वियों का हुआ बहुमान
नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर के सामने नागदा रोड स्थित शिवानी गार्डन में 45 आगम एकासन तपस्वियों का बहुमान किया गया। समाजजनों ने तपस्वियों की कठिन साधना, त्याग एवं संयम की भावपूर्वक अनुमोदना की। तपस्वियों के सम्मान के दौरान वातावरण श्रद्धा एवं भक्तिभाव से भर उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महेश्वरी भवन में आयोजित नवकारसी से हुआ। नवकारसी के लाभार्थी माणकलालजी उल्लासजी गांग परिवार रहे। इसके पश्चात राजेन्द्र सूरि पौषधशाला से संघ यात्रा निकाली गई। शिवानी गार्डन में तपस्वियों के बहुमान के बाद स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन शामिल हुए।
समारोह में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष श्री गोविंदजी भरावा, अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिलजी दसेड़ा (जावरा), राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री ब्रजेशजी बोहरा (नागदा), अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती प्रेमाबेन मांगीलालजी गांधी मुथा, राष्ट्रीय महामंत्री संगीता जी पोरवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती निशाजी वनवट (खाचरौद), प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पंकजजी डूंगरवाल, प्रांतीय सचिव श्री संजयजी कोठारी (उज्जैन), स्थानीय परिषद अध्यक्ष श्री पंकज चौहान, श्रीसंघ अध्यक्ष श्री माणकलालजी नान्देचा, चातुर्मास समिति सचिव श्री राजेन्द्र नान्देचा, श्रीसंघ वरिष्ठ श्री देवेन्द्रजी वनवट एवं श्री घेवरचन्दजी नान्देचा ओरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में संगीत प्रवाक अभिषेक जैन (नागदा) ने मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
धार्मिक कार्यों के लाभार्थियों का विशेष योगदान
आयोजन में विभिन्न धार्मिक कार्यों के लाभार्थियों का भी विशेष योगदान रहा। आकर्षक रथ यात्रा में प्रभुजी को विराजमान करने का लाभ रत्नचंदजी राजल बाई परिवार एवं राजेन्द्र कुमार-भूपेन्द्र कुमार लुणावत ने लिया।
बग्गी में गुरुदेव को विराजमान करने का लाभ श्रीमती मोवनबाई फतेहचन्द्रजी नांदेचा परिवार ने लिया। बाल संघपतियों के तिलक बहुमान का लाभ चन्द्रप्रकाशजी सूरजमलजी डेंगरा परिवार, साफा बहुमान का लाभ श्रीमती मोवनबाई फतेहचन्द्रजी नांदेचा परिवार एवं पाद पक्षालन का लाभ मन्नालालजी सा. नागदा परिवार ने लिया।
इसी प्रकार बाल संघपतियों के उपहार द्वारा बहुमान का लाभ बालचंदजी लालचंदजी भंडारी परिवार तथा संघ माला से बहुमान का लाभ कांतिलालजी सोभागमलजी गेलड़ा परिवार ने लिया।
तपस्वियों के माला एवं तिलक से बहुमान का लाभ श्रीमती चंदाबाई उल्लासमलजी एवं श्री पंकजजी वागरेचा ने तथा उपहार द्वारा बहुमान का लाभ श्रीमान शांतिलालजी राजेशजी कटारिया परिवार ने लिया।
धर्म, तप, त्याग और संस्कारों का अनुपम संगम
समूचा खाचरौद सूरि राज 45 आगम एकासन तप पारणोत्सव धर्म, तप, त्याग एवं संस्कारों का अनुपम संगम बन गया। तपस्वियों ने अपनी साधना से समाज को संयम एवं त्याग का संदेश दिया, वहीं नन्हे संघपतियों की सहभागिता ने बाल संस्कार एवं धार्मिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।
आयोजन श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ खाचरौद एवं “सुयं मे” वर्षावासोत्सव–3 चातुर्मास समिति 2026, खाचरौद के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।


