राधाष्टमी पर भजन-संगीत से भक्तिमय हुआ बम्होरी, प्रस्तुतियों पर झूमे श्रद्धालु
केंद्रीय मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित हुई भजन संध्या, भोपाल के कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
बम्होरी। राधाष्टमी के पावन अवसर पर कस्बा बम्होरी में केंद्रीय मंदिर समिति के तत्वावधान में धार्मिक एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। राधे-कृष्ण मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में भोपाल से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
राधाष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। समाज के लोगों ने राधा-कृष्ण की पूजा कर परिवार, क्षेत्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर राधे-कृष्ण के जयकारों और धार्मिक मंत्रों से गूंज उठा।
विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
राधाष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प, फल, मिष्ठान और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आराधना की। मंदिर में सामूहिक आरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया।
श्रद्धालुओं ने राधारानी के जन्मोत्सव की एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं।
मां सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप ने बांधा समां
पूजन के बाद भोपाल से आए मां सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप ने भजन-संगीत की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की महिमा पर आधारित मधुर भजनों से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संगीत की धुनों और भजनों के भक्तिमय शब्दों ने मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक बना दिया।
गायिका शीतल और सोनम भारती ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। दोनों गायिकाओं की मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु तालियां बजाते हुए झूमने लगे। कई महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत पर नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट की।
भजन संध्या के दौरान राधा-कृष्ण के जयकारे लगातार गूंजते रहे। कलाकारों ने श्रद्धालुओं की मांग पर भी कई भजन सुनाए। श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में डूबे रहे और प्रत्येक प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
दादा भाई और पंडित दिवाकर ने दी प्रस्तुति
कार्यक्रम में गायक दादा भाई और पंडित दिवाकर शांडिल्य ने भी सुंदर भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, राधारानी की भक्ति और गुरु महिमा पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया।
कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने पूरे मंदिर परिसर को भक्ति के रंग में रंग दिया। वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और भजनों के सुरों के बीच श्रद्धालुओं ने राधे-राधे तथा जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं का उत्साह भी विशेष रूप से देखने को मिला।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
राधाष्टमी पर आयोजित भजन संध्या में बम्होरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम शुरू होने के बाद मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित बैठाने और पूजा-दर्शन कराने की जिम्मेदारी संभाली।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुशासन के साथ उत्सव का उल्लास दिखाई दिया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में पहुंचीं और राधारानी की भक्ति में भजन गाए। बच्चों ने भी राधा-कृष्ण के जयकारे लगाकर कार्यक्रम में सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि राधाष्टमी का पर्व प्रेम, समर्पण और निष्काम भक्ति का संदेश देता है। राधारानी की भक्ति मनुष्य को अहंकार से मुक्त होकर ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण की प्रेरणा देती है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है।
कलाकारों और सहयोगियों का जताया आभार
केंद्रीय मंदिर समिति ने भोपाल से आए मां सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों का स्वागत किया। समिति की ओर से गायिका शीतल, सोनम भारती, दादा भाई और पंडित दिवाकर शांडिल्य की प्रस्तुतियों की सराहना की गई।
आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले समिति सदस्यों, सेवाभावी युवाओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समिति ने कहा कि समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भजन संध्या के समापन पर राधा-कृष्ण की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। राधाष्टमी का उत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
