सुगंध दशमी पर इंदौर के जैन मंदिरों में सजेंगे मंडलजी और धार्मिक झांकियां, श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को मिलेगा सम्मान
सामाजिक संसद की समाजजनों से दशलक्षण महापर्व में उत्साहपूर्वक धर्म साधना करने की अपील, 27 सितंबर को कांच मंदिर परिसर में होगी पुरस्कारों की घोषणा
प्रेषक: राजेश जैन दद्दू, मीडिया प्रभारी, दिगम्बर जैन समाज (सामाजिक संसद), इंदौर
इंदौर। पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर इंदौर के दिगम्बर जैन मंदिरों और चैत्यालयों में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। दिगम्बर जैन समाज (सामाजिक संसद), इंदौर ने शहर के सभी मंदिर एवं चैत्यालयों के अध्यक्षों, मंत्रियों, संयोजकों और क्षेत्रीय मंडलों से अपील की है कि वे दशलक्षण महापर्व के दौरान समाजजनों को धर्म साधना, पूजा-अर्चना, स्वाध्याय, संयम और तप के लिए प्रेरित करें। साथ ही सुगंध दशमी के अवसर पर मंदिरों में आकर्षक मंडलजी और धार्मिक झांकियों का निर्माण कर युवाओं की प्रतिभा तथा धार्मिक रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया जाए।
सामाजिक संसद के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 16 सितंबर 2026, बुधवार से प्रारंभ हुआ दशलक्षण महापर्व जैन धर्म के प्रमुख धार्मिक पर्वों में से एक है। इस दौरान समाजजन दस धर्मों की आराधना करते हुए आत्मशुद्धि, संयम और सदाचार का संकल्प लेते हैं। सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा एवं महामंत्री हर्ष जैन ने सभी समाजजनों से आह्वान किया है कि वे महापर्व के प्रत्येक दिन होने वाले धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
21 सितंबर को मनाई जाएगी सुगंध दशमी
दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत 21 सितंबर 2026, सोमवार को सुगंध दशमी का मंगल पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों और चैत्यालयों में विशेष पूजा-अर्चना, धूप अर्पण, धार्मिक विधान और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुगंध दशमी पर जैन समाज के श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर भगवान के समक्ष धूप अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व आत्मा के दुर्गुणों को दूर कर सद्गुणों की सुगंध फैलाने की प्रेरणा देता है। इस दिन मंदिरों में मंडलजी और धार्मिक संदेशों पर आधारित झांकियां सजाने की भी परंपरा रही है। बड़ी संख्या में समाजजन शहर के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर इन झांकियों के दर्शन करते हैं।
युवाओं की प्रतिभा को मिलेगा प्रोत्साहन
सामाजिक संसद ने शहर की सभी मंदिर ट्रस्ट कमेटियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने मंदिरों में मंडलजी और धार्मिक झांकियों का निर्माण कराएं। इसके माध्यम से युवा समाजजनों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी कला, कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया जाएगा।
मंडलजी एवं झांकियों में जैन धर्म के सिद्धांतों, दशलक्षण धर्म, अहिंसा, सत्य, संयम, तप, त्याग, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव जैसे संदेशों को प्रदर्शित किया जा सकता है। सामाजिक संसद का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को जैन धर्म के संस्कारों, आदर्शों और परंपराओं से परिचित कराना भी है।
निर्णायकों की टीम करेगी मंदिरों का भ्रमण
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी सामाजिक संसद की ओर से निर्णायकों की अलग-अलग टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें सुगंध दशमी के अवसर पर इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित दिगम्बर जैन मंदिरों और चैत्यालयों का भ्रमण करेंगी।
निर्णायकगण मंदिरों में बनाए गए मंडलजी और धार्मिक झांकियों का अवलोकन करेंगे। प्रस्तुतियों की धार्मिक विषयवस्तु, रचनात्मकता, सजावट, संदेश, स्वच्छता, कलात्मकता और समाज की सहभागिता सहित विभिन्न बिंदुओं के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं प्रोत्साहन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।
क्षमावाणी महापर्व पर घोषित होंगे पुरस्कार
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा 27 सितंबर 2026, रविवार को क्षमावाणी महापर्व के पावन अवसर पर की जाएगी। इंदौर की ऐतिहासिक सामूहिक क्षमावाणी का आयोजन इस वर्ष भी कांच मंदिर परिसर में हर्षोल्लास और धार्मिक वातावरण के बीच किया जाएगा।
क्षमावाणी जैन धर्म की महान परंपरा है, जिसमें समाजजन वर्षभर में मन, वचन या कर्म से हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हैं। यह पर्व अहंकार, कटुता, द्वेष और वैमनस्य को त्यागकर प्रेम, विनम्रता तथा सद्भाव के साथ जीवन जीने का संदेश देता है। इसी आयोजन के दौरान मंडलजी और धार्मिक झांकी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
अवलोकन के लिए 20 सितंबर तक भेजनी होगी सूचना
जो मंदिर ट्रस्ट, समिति अथवा मंडल निर्माता समूह अपनी प्रस्तुति का सामाजिक संसद के निर्णायकों से अवलोकन कराना चाहते हैं, उन्हें 20 सितंबर 2026 तक इसकी जानकारी देनी होगी। संबंधित मंदिर या समूह सामाजिक संसद के महामंत्री हर्ष जैन एवं समन्वयक सुशील पांड्या को मोबाइल नंबर 9826088281 पर संदेश अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेज सकते हैं।
निर्धारित समय तक प्राप्त सूचनाओं के आधार पर निर्णायकों के भ्रमण का क्षेत्रवार कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। सामाजिक संसद ने सभी मंदिर समितियों से समय पर जानकारी भेजने की अपील की है, ताकि प्रत्येक पंजीकृत मंडलजी और झांकी का व्यवस्थित रूप से अवलोकन किया जा सके।
धर्म साधना में सहभागिता की अपील
सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, महामंत्री हर्ष जैन और मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने समाज के सभी परिवारों, विशेषकर बच्चों और युवाओं से दशलक्षण महापर्व के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दशलक्षण महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों का अवसर नहीं, बल्कि अपने आचरण का आत्मावलोकन करने और जीवन में क्षमा, विनम्रता, सत्य, संयम तथा त्याग जैसे गुणों को अपनाने का महापर्व है।
सामाजिक संसद ने विश्वास जताया कि सुगंध दशमी पर शहर के मंदिरों में निर्मित मंडलजी और धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी तथा इनके माध्यम से धर्म, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रेरक संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
