Raisen: जनसुनवाई में कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने विभागों को दिए तत्काल समस्या निराकरण के आदेश
Raisen जिले में कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा के सफल मार्गदर्शन और निर्देशन में जिला कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश की जनहित योजनाओं में से एक जनसुनवाई कार्यक्रम लोगों के लिए थोड़ी ही सही, लेकिन राहत देने वाली साबित होती है, और रायसेन में आयोजित इस शिविर ने भी यही साबित किया।
जिलेभर से आए लोगों ने रखीं अपनी समस्याएं
जनसुनवाई शिविर के दौरान संपूर्ण जिले से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी-अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपनी शिकायतें और परेशानियां कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने सभी की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान और निराकरण के आदेश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिन पर कलेक्टर ने अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी।
“लोग उम्मीद लेकर आते हैं” – कलेक्टर
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दूर-दूर से समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को हताश-निराश होकर वापस नहीं लौटना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग प्रशासन और अधिकारियों से बहुत उम्मीद और आशा लेकर यहां आते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सम्मानपूर्वक उनका समाधान और निदान किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में उन्होंने समस्त विभागीय अधिकारियों को शीघ्र और तत्काल लोगों की समस्याओं का समाधान करने के स्पष्ट आदेश जारी किए।
अपर कलेक्टर सहित कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर सहित संबंधित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों को सुना और कलेक्टर के निर्देशानुसार समाधान की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।
जमीनी स्तर पर समाधान की जरूरत पर जोर
कार्यक्रम में यह अहम बात भी उभरकर सामने आई कि जन समस्या निवारण शिविर की असली सफलता तभी साबित होगी, जब संबंधित विभागीय अधिकारी लोगों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझेंगे और शांतिपूर्वक ढंग से सुलझाने का ईमानदार प्रयास करेंगे। ऐसा होने पर लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बार-बार जिले तक आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
मंत्रियों-विधायकों तक जाने की जरूरत न पड़े, यही लक्ष्य
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि यदि संबंधित विभागीय अधिकारी स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान कर लोगों को राहत दें, तो फिर जनता को अपनी समस्या लेकर मंत्रियों और विधायकों के पास जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। आखिरकार, अधिकारी जनता की सेवा के लिए ही बैठे हैं, इसलिए यदि वे अपने स्तर पर ही समस्याओं का हल निकाल दें, तो जनता को ऊपर तक भटकने की नौबत नहीं आएगी।
अधिकारियों से संवेदनशीलता की अपेक्षा
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों से यह भी अपेक्षा जताई गई कि वे संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याएं सुनें और उनका तत्काल निराकरण करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास तभी मजबूत होगा, जब अधिकारी लोगों की परेशानियों को अपनी खुद की समस्या मानकर उनका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इस पूरे आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि जनसुनवाई कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक गंभीर और प्रभावी माध्यम है।
