उन्नत खेती से बबलू किरार और विशाल पाटिल ने दिखाई नई राह, कलेक्टर ने खेतों में पहुंचकर जाना अनुभव
बमोरी। क्षेत्र में कृषि और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने विभिन्न ग्रामों का दौरा कर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी ली और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर उनके खेती से जुड़े अनुभव, उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में चर्चा की।
ग्राम कोतर में गेंदे और मिर्च की उन्नत खेती का निरीक्षण
कलेक्टर कन्याल ग्राम पंचायत कोतर पहुंचे, जहां उन्होंने उन्नत कृषक बबलू किरार के खेत का निरीक्षण किया। यहां किसान द्वारा गेंदे के फूल और मिर्च की उन्नत खेती की जा रही है।
कलेक्टर ने खेत में फसलों की स्थिति का अवलोकन किया और किसान से उत्पादन से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने खेती में इस्तेमाल की जा रही तकनीक, फसल प्रबंधन, लागत और उत्पादन से जुड़े अनुभवों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
बबलू किरार ने कलेक्टर को बताया कि आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर ने किसान के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
लोधापुरा में पपीते के बगीचे का अवलोकन
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम लोधापुरा का दौरा किया। यहां उन्होंने प्रगतिशील कृषक विशाल पाटिल के पपीते के बगीचे का निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने बागवानी फसल की स्थिति, पौधों के विकास, उत्पादन और फसल प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने किसान से यह भी जाना कि पपीते की खेती में किन तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और फसल उत्पादन के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
विशाल पाटिल ने कलेक्टर के साथ अपने खेती के अनुभव साझा किए और बागवानी फसलों से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी।
किसानों से सीधे संवाद पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कन्याल ने किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने खेती के दौरान आने वाली समस्याओं, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से जुड़े अनुभवों को समझा।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनकी गतिविधियों को समझना और उनके अनुभवों से सीखना कृषि क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उन्नत कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास
जिला प्रशासन की ओर से किसानों को आधुनिक और उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों, उन्नत फसलों और उद्यानिकी गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित करना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि के अवसर बढ़ सकें।
गेंदे, मिर्च और पपीते जैसी फसलों की खेती कर रहे बबलू किरार और विशाल पाटिल जैसे किसान क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उनके खेतों का निरीक्षण कर कलेक्टर ने कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और प्रयोगों को समझा।
किसानों के अनुभवों से मिलेगी नई दिशा
कलेक्टर के दौरे का उद्देश्य केवल फसलों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि किसानों द्वारा अपनाई जा रही सफल कृषि पद्धतियों को समझना भी रहा। ऐसे प्रगतिशील किसानों के अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाकर उन्हें भी उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से कृषि और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच किसानों से संवाद और खेतों का निरीक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
