Sagar Liquor Tragedy: बंडा में पंचायत सचिव अजय लोधी की मौत, मीडिया रिपोर्टों में मृतक संख्या 33;; सरकारी आंकड़ा अलग
दैनिक स्वराज वाणी, सागर। सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ग्राम पंचायत मुडारी बुजुर्ग में पदस्थ पंचायत सचिव अजय लोधी की शुक्रवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी मृत्यु के बाद इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या 33 हो गई है। हालांकि प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए मृतकों के आंकड़े और मीडिया में सामने आ रही संख्या में अंतर बना हुआ है।
अजय लोधी की तबीयत कथित रूप से जहरीली शराब का सेवन करने के बाद बिगड़ी थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
अनुकंपा नियुक्ति पर बने थे पंचायत सचिव
अजय लोधी स्वर्गीय गनपत सिंह लोधी के पुत्र थे। परिजनों के मुताबिक, पिता की मृत्यु के बाद कुछ वर्ष पहले उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वर्तमान में वह बंडा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुडारी बुजुर्ग में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे।
परिवार ने उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार के एक युवा सदस्य की असमय मृत्यु से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट में 33 मौतों का दावा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में पंचायत सचिव अजय लोधी की मृत्यु के बाद जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 33 बताई गई है। बताया जा रहा है कि मृतकों में 25 से 38 वर्ष की उम्र के युवाओं की संख्या अधिक है। इस त्रासदी में एक महिला की मृत्यु भी दर्ज की गई है।
हालांकि मौतों की संख्या को लेकर सरकारी और गैर-सरकारी आंकड़ों में अंतर बना हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने पहले 16 मौतों की पुष्टि की थी, जबकि स्थानीय स्तर पर सामने आए मामलों और अस्पतालों में हुई मौतों को जोड़कर मीडिया संस्थानों ने अधिक संख्या बताई है। इसलिए अंतिम और आधिकारिक मृतक संख्या प्रशासन की अद्यतन सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
5 सितंबर से अस्पताल पहुंच रहे पीड़ित
संदिग्ध जहरीली शराब से प्रभावित लोगों को 5 सितंबर से बंडा के अस्पताल, जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज लाया जा रहा है। शुरुआत में मरीजों ने उल्टी, घबराहट, चक्कर, पेट दर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याओं की शिकायत की थी।
गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बीएमसी सागर रेफर किया गया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार करीब एक दर्जन मरीज अब भी बीएमसी की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती हैं। उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की टीम निगरानी रख रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में सर्वे कर ऐसे लोगों की पहचान करने का अभियान भी चलाया, जिन्होंने संबंधित अवधि में संदिग्ध शराब का सेवन किया था। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की कि शराब पीने के बाद किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें और घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें।
एक सप्ताह तक लगातार सामने आती रहीं मौतें
घटना के बाद कई दिनों तक अस्पतालों में भर्ती मरीजों की मौत की खबरें सामने आती रहीं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार एक सप्ताह के दौरान लगभग हर दिन किसी न किसी मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई।
प्रारंभिक स्तर पर जहरीली शराब में मिथाइल अल्कोहल जैसे खतरनाक रसायन की मिलावट की आशंका जताई गई थी। हालांकि शराब में कौन-सा विषैला पदार्थ और कितनी मात्रा में मिलाया गया था, इसका अंतिम निष्कर्ष जब्त नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
अवैध शराब के नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई
मामले में पुलिस ने अवैध शराब बनाने, उसकी पैकिंग करने, परिवहन करने और गांवों में बेचने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कई संदिग्धों और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में कुल 33 लोगों को आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इनमें से 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस संदिग्ध शराब की आपूर्ति से जुड़े मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
आरोपियों की संपत्तियों और अवैध निर्माणों की जांच भी की जा रही है। प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण हटाने और कुछ अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है।
रवि लखेरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
पुलिस ने शराब तैयार करने का कथित फार्मूला उपलब्ध कराने के आरोपी रवि लखेरा को शुक्रवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार हनुमान टोंग मंदिर के आसपास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई और भागने का प्रयास किया।
जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए बीएमसी में भर्ती कराया गया। पुलिस उससे पूछताछ के माध्यम से शराब बनाने के स्थान, कच्ची सामग्री की आपूर्ति और वितरण नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। मुठभेड़ और आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
मृतक संख्या की एकीकृत सूची जारी करने की मांग
मृतकों की संख्या को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। राजनीतिक दलों और प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से अस्पतालों, गांवों और निजी स्तर पर हुई सभी संबंधित मौतों की जांच कर एक एकीकृत सूची जारी करने की मांग की है।
यह निर्धारित करना भी आवश्यक होगा कि कितनी मौतें सीधे जहरीली शराब के सेवन से हुईं और कितने मामलों में मृत्यु का कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था। पोस्टमार्टम, विसरा और रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्येक मामले में मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि की जा सकती है।
परिवारों के पुनर्वास की चुनौती
त्रासदी में जान गंवाने वालों में कई युवा और परिवार के कमाने वाले सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। उनकी मौत से परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पंचायत सचिव अजय लोधी की मृत्यु ने एक बार फिर अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता के साथ बच्चों की शिक्षा, आश्रितों के पुनर्वास और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठ रही है। इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच, पुलिस की कार्रवाई और वैज्ञानिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि जहरीली शराब का निर्माण कहां हुआ, उसका वितरण कैसे किया गया और अवैध कारोबार समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका।
