मऊगंज में शुरू हुआ अभिलेखागार, अब एक ही जगह मिलेंगे पुराने जमीन रिकॉर्ड
मऊगंज। जिले के किसानों, भू-धारकों और आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब पुराने जमीन रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेख हासिल करने के लिए लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अभिलेखागार यानी रिकॉर्ड रूम का शुभारंभ कर दिया गया है। इससे पुराने भूमि दस्तावेजों के सुरक्षित संरक्षण के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनेगी।
जिला न्यायाधीश ने किया अभिलेखागार का शुभारंभ
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित अभिलेखागार का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बुखारिया ने किया। इस अवसर पर कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय, एसडीएम रश्मि चतुर्वेदी सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पुराने राजस्व अभिलेखों के सुरक्षित और व्यवस्थित संरक्षण के साथ आम नागरिकों को उनकी सुविधा के अनुसार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया।
पुराने रिकॉर्ड के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
अब तक पुराने खसरा-खतौनी, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य भूमि संबंधी दस्तावेजों के लिए नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता था। कई बार पुराने रिकॉर्ड तलाशने में समय लग जाता था, जिससे किसानों और भू-धारकों को काफी परेशानी होती थी।
अभिलेखागार शुरू होने के बाद जिला मुख्यालय पर ही पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध होने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों के समय और धन की बचत होगी और दस्तावेज हासिल करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
इन कामों में उपयोगी होंगे पुराने दस्तावेज
पुराने भूमि अभिलेख कई तरह के प्रशासनिक और न्यायालयीन कार्यों में महत्वपूर्ण होते हैं। नामांतरण, जमीन के बंटवारे, ऋण, न्यायालयीन मामलों, शासकीय योजनाओं और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नागरिकों को पुराने रिकॉर्ड की जरूरत पड़ सकती है।
अब ऐसे दस्तावेज एक स्थान पर उपलब्ध होने से संबंधित लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही जमीन से जुड़े मामलों के निराकरण में भी तेजी आने की उम्मीद है।
रिकॉर्ड के सुरक्षित संरक्षण पर विशेष ध्यान
पुराने राजस्व दस्तावेज लंबे समय तक उपयोगी रहते हैं। भूमि संबंधी विवाद या किसी प्रशासनिक प्रक्रिया में वर्षों पुराने रिकॉर्ड की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित संरक्षण बेहद जरूरी है।
नए अभिलेखागार में पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज आसानी से तलाशे जा सकें।
कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को निर्देश
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सरल, सहज और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण किया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिकों को जरूरत के समय रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भू-अभिलेख से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अभिलेखागार की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया।
आम नागरिकों को मिलेगी सीधी सुविधा
अभिलेखागार की स्थापना से सबसे ज्यादा फायदा उन नागरिकों को होगा, जिन्हें पुराने भूमि और राजस्व दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से कार्यालयों के चक्कर कम होंगे और दस्तावेज तलाशने में लगने वाला समय भी बचेगा।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने भी अभिलेखागार को नागरिक सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से पुराने दस्तावेजों का बेहतर संरक्षण होने के साथ जरूरतमंद लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
मऊगंज में प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
मऊगंज जिला मुख्यालय में अभिलेखागार की शुरुआत को आमजन से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। पुराने भूमि रिकॉर्ड को एक स्थान पर सुरक्षित रखने और जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराने से किसानों, भू-धारकों और आम नागरिकों की परेशानियां कम होने की उम्मीद है।
प्रशासन की इस पहल से रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और भूमि संबंधी मामलों में आवश्यक दस्तावेज जुटाना भी आसान हो सकेगा। आने वाले समय में नागरिकों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
