धरमपुरी डेम क्षेत्र को पर्यटन और पिकनिक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग
एल्डरमैन अंबरीष भावसार ने जिलाधीश डॉ. योगेश तुकाराम भरसट को सौंपा मांग पत्र, उद्यान और सुविधाएं विकसित करने का सुझाव
झाबुआ। नगर पालिका झाबुआ में राज्य शासन द्वारा मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) अंबरीष भावसार ने नगर से सटे धरमपुरी डेम क्षेत्र को पर्यटन एवं पिकनिक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधीश डॉ. योगेश तुकाराम भरसट को मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र के विकास की दिशा में आवश्यक पहल किए जाने का आग्रह किया।
प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है क्षेत्र
एल्डरमैन अंबरीष भावसार ने मांग पत्र में बताया कि झाबुआ नगर और आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक रूप से काफी समृद्ध है। यहां पहाड़ी क्षेत्र, हरियाली और जल संसाधनों के कारण पर्यटन विकास की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों के लिए व्यवस्थित पर्यटन एवं पिकनिक स्थल की कमी महसूस होती है।
उन्होंने कहा कि नगर की जल आपूर्ति का प्रमुख केंद्र धरमपुरी डेम प्राकृतिक दृष्टि से भी आकर्षक क्षेत्र है। डेम के आसपास उपलब्ध खाली भूमि का उचित उपयोग करते हुए इसे शहरवासियों के लिए मनोरंजन, पर्यटन और पिकनिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
डेम के आसपास उद्यान विकसित करने का सुझाव
मांग पत्र में सुझाव दिया गया है कि धरमपुरी डेम से जुड़ी अतिरिक्त खाली भूमि को संरक्षित करते हुए वहां बड़े स्तर पर फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया जाए। इसके साथ ही नागरिकों के बैठने के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था विकसित की जाए।
क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ यदि व्यवस्थित उद्यान, पैदल भ्रमण क्षेत्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो यह स्थान झाबुआ के नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
पिकनिक स्थल बनने से स्थानीय लोगों को मिलेगा नया विकल्प
अंबरीष भावसार के अनुसार धरमपुरी डेम क्षेत्र को विकसित करने से स्थानीय नागरिकों को शहर के आसपास ही प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने का अवसर मिलेगा। परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए यह एक बेहतर पिकनिक स्थल बन सकता है।
पर्यटन स्थल के रूप में विकास होने पर क्षेत्र में स्वच्छता, हरियाली और बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकेगा। इससे झाबुआ की प्राकृतिक पहचान को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
चार किलोमीटर का मार्ग भी आकर्षक
धरमपुरी डेम की एक अन्य खासियत नगर से इसकी दूरी और वहां तक जाने वाला मार्ग है। नगर से धरमपुरी डेम तक करीब चार किलोमीटर का रास्ता प्राकृतिक रूप से सुंदर बताया गया है। रास्ते में ग्रामीण परिवेश और हरियाली लोगों को आकर्षित करती है।
इसी मार्ग पर ग्राम वडलिया स्थित श्री कष्टभंजन देव मंदिर भी है, जो क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में धरमपुरी डेम और मंदिर क्षेत्र को जोड़कर धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विकसित किया जा सकता है।
पर्यटन विकास से बढ़ेंगी सुविधाएं
धरमपुरी क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। पौधारोपण, उद्यान, बैठने की व्यवस्था और स्वच्छता के साथ प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
एल्डरमैन भावसार ने प्रशासन से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए धरमपुरी डेम क्षेत्र के विकास की संभावनाओं का परीक्षण कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग इस दिशा में पहल करते हैं तो आने वाले समय में धरमपुरी डेम झाबुआ नगर के प्रमुख पर्यटन एवं पिकनिक स्थलों में शामिल हो सकता है। इससे स्थानीय नागरिकों को प्राकृतिक वातावरण में बेहतर सुविधा मिलने के साथ झाबुआ की पर्यटन संभावनाओं को भी नई पहचान मिल सकती है।
