Narmada Ghat Construction: पार्षद एवं वरिष्ठ पत्रकार कैलाश राठौड़ ने माता की स्मृति में दिए 11 हजार रुपये
संवाददाता :कौशिक पण्डित
मनावर। नर्मदा नदी के प्रति आस्था और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों की सहभागिता लगातार सामने आ रही है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद के पार्षद एवं वरिष्ठ पत्रकार कैलाश राठौड़ ने ग्राम सेमल्दा में नर्मदा घाट निर्माण के लिए अपनी स्वर्गीय माता रामी बाई राठौड़ की स्मृति में 11 हजार रुपये की दान राशि प्रदान की। उन्होंने यह राशि घाट निर्माण समिति को सौंपते हुए अपनी माता की स्मृति को एक जनहित एवं धार्मिक कार्य से जोड़ने का प्रयास किया।
ग्राम सेमल्दा में नर्मदा घाट निर्माण का कार्य स्थानीय ग्रामीणों और नर्मदा भक्तों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। घाट के निर्माण को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह है और निर्माण कार्य के लिए समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। इसी पहल के तहत कैलाश राठौड़ ने अपनी ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
माता की स्मृति में किया सहयोग
कैलाश राठौड़ ने अपनी माता स्वर्गीय रामी बाई राठौड़ के निमित्त नर्मदा घाट निर्माण के लिए 11 हजार रुपये की राशि दान की। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में दिवंगत परिजनों की स्मृति में सहयोग करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसी भावना के साथ राठौड़ परिवार की ओर से यह सहयोग दिया गया।
नर्मदा नदी मध्यप्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में विशेष स्थान रखती है। नर्मदा तट पर घाटों का निर्माण केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। घाट बनने के बाद यहां आने वाले नर्मदा भक्तों को स्नान, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
घाट निर्माण समिति को सौंपे 11 हजार रुपये
ग्राम सेमल्दा में आयोजित अवसर पर कैलाश राठौड़ ने घाट निर्माण के लिए 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की। इस दौरान नर्मदा घाट निर्माण समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि घाट निर्माण के लिए जनसहयोग जुटाया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग देने की अपील की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।
कैलाश राठौड़ द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग को समिति ने महत्वपूर्ण बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे सहयोग से निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिलती है और अन्य लोग भी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए आगे आने के लिए प्रेरित होते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद रहे ग्रामीण और नर्मदा भक्त
दान राशि प्रदान किए जाने के अवसर पर नर्मदा घाट निर्माण समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक रणवीर सिंह तोमर सहित तुकाराम पाटीदार, विजय पाटीदार, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र डालके और भोला प्रजापत मौजूद रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और नर्मदा भक्त भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने घाट निर्माण के महत्व पर चर्चा की और निर्माण कार्य को सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ाने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि नर्मदा तट से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में यहां सुविधायुक्त घाट का निर्माण होने से स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।
नर्मदा तट से जुड़ी है लोगों की आस्था
नर्मदा नदी को मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदियों में शामिल किया जाता है। इसके तट पर स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी नदी के किनारे स्थित घाट महत्वपूर्ण पड़ाव माने जाते हैं।
ग्राम सेमल्दा में घाट निर्माण की पहल इसी धार्मिक और सामाजिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घाट का निर्माण पूरा होने के बाद नर्मदा तट पर आने वाले लोगों को कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नर्मदा भक्तों के लिए घाट केवल पूजा और स्नान का स्थान नहीं होता, बल्कि यह धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक आयोजनों का केंद्र भी बन सकता है। यही कारण है कि घाट निर्माण को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।

जनसहयोग से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य
किसी भी बड़े सामाजिक या धार्मिक निर्माण कार्य को पूरा करने में जनसहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सेमल्दा में भी नर्मदा घाट निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों से सहयोग लिया जा रहा है। कोई आर्थिक सहयोग दे रहा है तो कोई निर्माण कार्य में अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
कैलाश राठौड़ द्वारा 11 हजार रुपये का सहयोग इसी जनभागीदारी का हिस्सा है। समिति का प्रयास है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोग इस निर्माण कार्य से जुड़ें और अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दें।
ग्रामीणों का मानना है कि जब किसी सार्वजनिक धार्मिक स्थल का निर्माण समाज के सामूहिक सहयोग से होता है तो उससे लोगों में अपनत्व की भावना भी बढ़ती है। ऐसे निर्माण कार्य भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होते हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
नगर पालिका परिषद के पार्षद और वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कैलाश राठौड़ सार्वजनिक जीवन से जुड़े हुए हैं। नर्मदा घाट निर्माण के लिए अपनी माता की स्मृति में आर्थिक सहयोग देना सामाजिक जिम्मेदारी और धार्मिक आस्था से जुड़ा कदम माना जा रहा है।
उन्होंने अपनी माता की स्मृति को केवल पारिवारिक स्तर तक सीमित रखने के बजाय एक ऐसे कार्य से जोड़ा, जिसका लाभ क्षेत्र के लोगों और नर्मदा भक्तों को लंबे समय तक मिल सकता है। इससे समाज के अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों में योगदान देने की प्रेरणा मिल सकती है।
समिति ने जताया आभार
नर्मदा घाट निर्माण समिति के सदस्यों और उपस्थित ग्रामीणों ने कैलाश राठौड़ के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। समिति ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र के नागरिक इसी तरह घाट निर्माण के लिए सहयोग करते रहेंगे।
समिति के अनुसार, घाट निर्माण के लिए प्राप्त प्रत्येक सहयोग महत्वपूर्ण है। छोटी या बड़ी राशि से अधिक महत्वपूर्ण लोगों की भावना और सहभागिता है। जनसहयोग के माध्यम से निर्माण कार्य को बेहतर स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
घाट बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
ग्राम सेमल्दा में नर्मदा घाट का निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ बाहर से आने वाले नर्मदा भक्तों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। व्यवस्थित घाट होने से श्रद्धालुओं को नर्मदा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा।
इसके अलावा धार्मिक आयोजनों, पर्वों और विशेष अवसरों पर भी घाट का उपयोग किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक मेल-जोल का केंद्र भी बन सकता है।

लोगों से सहयोग की अपील
घाट निर्माण समिति की ओर से क्षेत्र के नागरिकों, नर्मदा भक्तों और समाज के लोगों से निर्माण कार्य में सहयोग की अपील की जा रही है। समिति का उद्देश्य जनसहयोग से घाट निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना और नर्मदा तट को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
कैलाश राठौड़ का 11 हजार रुपये का सहयोग इसी अभियान को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। उनकी ओर से अपनी स्वर्गीय माता रामी बाईराठौड़ की स्मृति में दी गई राशि से न केवल निर्माण कार्य में योगदान मिलेगा, बल्कि यह उनकी माता की स्मृति को भी एक सामाजिक और धार्मिक कार्य से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
ग्राम सेमल्दा में आयोजित इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों और नर्मदा भक्तों ने घाट निर्माण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उपस्थित लोगों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनसहयोग से नर्मदा घाट का निर्माण जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर रणवीर सिंह तोमर, तुकाराम पाटीदार, विजय पाटीदार, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र डालके, भोला प्रजापत सहित अनेक ग्रामीणजन एवं नर्मदा भक्त मौजूद रहे। सभी ने घाट निर्माण को क्षेत्र के लिए उपयोगी पहल बताते हुए सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
