मनावर थाना क्षेत्र में 8 माह से फरार ₹2 हजार का इनामी वारंटी गिरफ्तार, बाकानेर पुलिस की कार्रवाई
अवैध देसी कट्टा और हथियार बनाने की फैक्ट्री के मामले में था फरार, मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय सिंह पिता भगत सिंह भाटिया, उम्र 21 वर्ष, निवासी सिकलीगर मोहल्ला, बाकानेर के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध थाना मनावर में दर्ज अपराध के मामले में कार्रवाई लंबित थी और वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹2 हजार के नगद इनाम की घोषणा की गई थी।
बाकानेर पुलिस ने लगातार आरोपी की तलाश जारी रखी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस टीम को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
4 अक्टूबर 2025 को अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी गई थी
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार पूरे मामले की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को हुई थी। उस समय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बाकानेर चौकी पुलिस ने कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक अवैध देसी कट्टा तथा हथियार बनाने की फैक्ट्री जब्त करने का दावा किया था।
इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी आजाद सिंह पिता भगत सिंह भाटिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी सिकलीगर मोहल्ला बाकानेर को गिरफ्तार किया था। बरामद हथियार एवं हथियार बनाने से संबंधित सामग्री के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना मनावर में अपराध क्रमांक 645/25 दर्ज किया गया था।
मामले में पुलिस ने धारा 25 एवं 25(1-aa) आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद जेल दाखिल किया गया था।
विवेचना के दौरान अन्य धाराओं का किया गया इजाफा
पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना आगे बढ़ने के दौरान प्रकरण में अन्य धाराओं का भी इजाफा किया गया। विवेचना के दौरान धारा 111(2-ख) एवं 111(2) बीएनएस जोड़ी गई।
इसी प्रकरण में आरोपी अजय सिंह पिता भगत सिंह भाटिया का नाम सामने आया था। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से ही अजय सिंह फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी।
मामले की विवेचना पूरी करते हुए पुलिस द्वारा चालान माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जबकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी रखे गए।
घटना के बाद से ही फरार था आरोपी

पुलिस के मुताबिक आरोपी अजय सिंह घटना दिनांक से ही फरार चल रहा था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा।
लगातार फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹2 हजार के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई थी। इनामी वारंटी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्राथमिकता में शामिल थी।
करीब आठ माह तक पुलिस से बचकर फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार बाकानेर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई
फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर धार पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया। उनके निर्देशन में पुलिस अधिकारियों को आरोपी की तलाश कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डावर तथा एसडीओपी मनावर श्री ब्रजेश कुमार मालवीय के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश तेज की।
थाना प्रभारी मनावर निरीक्षक श्री राजेश यादव के नेतृत्व में बाकानेर पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस को जैसे ही आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
बाकानेर पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना पर दबोचा
पुलिस के अनुसार 7 अगस्त 2026 को बाकानेर पुलिस टीम को फरार आरोपी अजय सिंह के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से संबंधित आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
न्यायालय की प्रक्रिया के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपी की तलाश का मामला पूरा हुआ।
अवैध हथियार मामले से जुड़ा है पूरा प्रकरण
यह मामला अवैध हथियारों की बरामदगी और हथियार बनाने की फैक्ट्री से जुड़ा हुआ है। पुलिस द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को की गई कार्रवाई में अवैध देसी कट्टा और हथियार बनाने से संबंधित गतिविधि का खुलासा होने की बात कही गई थी।
ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाती है। इसी क्रम में विवेचना के दौरान अजय सिंह का नाम सामने आया और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। आरोपी के संभावित ठिकानों और संपर्कों पर नजर रखी गई तथा मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई गई।
आठ महीने से चल रही थी आरोपी की तलाश
अजय सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह घटना के बाद से लगातार फरार था। करीब आठ माह से उसकी तलाश की जा रही थी।
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में टीम द्वारा संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई गई। इनामी घोषणा के बाद आरोपी की तलाश और अधिक गंभीरता से की गई।
अंततः 7 अगस्त 2026 को बाकानेर पुलिस को सफलता मिली और ₹2 हजार के इनामी फरार वारंटी अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया—कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मनावर और बाकानेर क्षेत्र में अवैध हथियारों से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य अवैध हथियारों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
फरार आरोपी अजय सिंह की गिरफ्तारी में बाकानेर पुलिस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी बाकानेर उप निरीक्षक प्रशांत पाल, प्रधान आरक्षक 840 बिसन मुजाल्दा, आरक्षक 993 राकेश तथा सहायक उप निरीक्षक महेश जाट की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार आरोपी की तलाश की और मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई से फरार आरोपियों में संदेश
मनावर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र के माध्यम से ऐसे आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अवैध हथियारों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से ऐसे मामलों की विवेचना को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायता मिलती है।
आगे भी जारी रहेगा फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान
धार जिले में पुलिस द्वारा फरार एवं वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबे समय से फरार आरोपियों की जानकारी जुटाकर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
बाकानेर पुलिस की हालिया कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। करीब आठ माह से फरार चल रहे ₹2 हजार के इनामी वारंटी अजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार भविष्य में भी फरार आरोपियों, वारंटियों और कानून के दायरे से बचने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीओपी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय के निर्देशन तथा थाना प्रभारी मनावर निरीक्षक राजेश यादव के नेतृत्व में बाकानेर पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
लगातार प्रयास, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और पुलिस टीम की सतर्कता के चलते आखिरकार 8 माह से फरार चल रहे ₹2 हजार के इनामी वारंटी अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
