जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 मैसूर में राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश जी महाराज के सानिध्य में शुरू। 18 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगा मंथन। नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन की विशेष रिपोर्ट।
जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026: राष्ट्रसंत कमलमुनि के सानिध्य में आज से 21वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन, 18 राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
रिपोर्ट: संवाददाता जीवनलाल जैन, नागदा
जावरा। जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 का 21वाँ तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकर्ता अधिवेशन गुरुवार 7 अगस्त से कर्नाटक के मैसूर में प्रारंभ हो रहा है। यह अधिवेशन राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज साहब के पावन एवं भव्य चातुर्मास के दौरान आयोजित किया जा रहा है। देशभर के 18 राज्यों से आए धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें भाग लेंगे।
राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिवेशन 7 अगस्त से 9 अगस्त तक आयोजित होगा और इसमें संगठन विस्तार, समाज सेवा तथा राष्ट्रहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
21वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन आज से
जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 का आयोजन इस वर्ष मैसूर (कर्नाटक) में किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में देशभर से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल होकर समाज, संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विचार करेंगे।
राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने बताया कि अधिवेशन राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज के मुख्य सानिध्य में संपन्न होगा।
18 राज्यों के प्रतिनिधियों की होगी भागीदारी
इस राष्ट्रीय अधिवेशन में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित देश के 18 राज्यों से धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा समाजहित के विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति तैयार करना है।
पाँच प्रमुख विषयों पर होगा व्यापक मंथन
राष्ट्रीय मंत्री विशाल मेहता के अनुसार अधिवेशन में निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी—
- गौरक्षा
- व्यसन मुक्ति अभियान
- पर्यावरण संरक्षण
- अल्पसंख्यक समाज से जुड़े विषय
- “विधवा नहीं, वीरांगना कहो” सम्मान अभियान
- साधु-साध्वी सेवा
- विहार एवं ठाणापति व्यवस्था
- तपस्वियों के लिए पारणा पुड़िया एवं सेवा व्यवस्था
इन विषयों पर विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श कर आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठेगी मांग
जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 में केंद्र सरकार के समक्ष गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग प्रमुख प्रस्ताव के रूप में रखी जाएगी।इसके साथ ही युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों के विकास, सामाजिक और धार्मिक जीवन में पारदर्शिता तथा सेवा भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बनाई जाएगी।
राष्ट्रसंत कमलमुनि देंगे संगठन और राष्ट्रहित का संदेश
राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज अपने प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से संगठन, सेवा, संस्कार, राष्ट्रहित, समाजोत्थान तथा नैतिक जीवन के विविध आयामों पर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे।उनके प्रवचन अधिवेशन का प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
इन संतों का भी मिलेगा पावन सानिध्य
अधिवेशन में
- पूज्य घनश्याम मुनि
- कौशलमुनि
- अक्षतमुनि
- सक्षममुनि महाराज
का भी पावन सानिध्य प्राप्त होगा।इन संतों के मार्गदर्शन में संगठन विस्तार, जीव दया, गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
संगठन को मिलेगी नई दिशा
राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने विश्वास व्यक्त किया कि जैन दिवाकर विचार मंच राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 संगठन के सेवा, संस्कार और समर्पण के अभियान को नई ऊर्जा देगा तथा समाजहित के अनेक रचनात्मक कार्यों का आधार बनेगा।उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन से संगठन की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

