गुरु पूर्णिमा पर अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान में दिव्यांग बच्चों को बांटे स्कूल बैग, सेवा और संस्कार का दिया प्रेरक संदेश
रिपोर्टर: मुकेश सोलंकी
भीनमाल। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण भीनमाल में देखने को मिला। सोनी समाज के आराध्य देव अणदाराम महाराज के अवतरण दिवस एवं महाप्रयाण दिवस के अवसर पर अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान में विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन (जिला जालोर) एवं अणदाराम सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान में अध्ययनरत सभी दिव्यांग बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए गए।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना, उनका मनोबल बढ़ाना और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना भी था। बैग वितरण के साथ बच्चों को आइसक्रीम भी खिलाई गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गुरु पूर्णिमा पर सेवा का विशेष आयोजन
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इसी पावन अवसर पर सोनी समाज के आराध्य अणदाराम महाराज की जयंती एवं महाप्रयाण दिवस के उपलक्ष्य में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान परिसर में किया गया, जहां दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम रखा गया।
आयोजकों का कहना था कि गुरु पूर्णिमा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज सेवा के माध्यम से भी इस पर्व को सार्थक बनाया जाना चाहिए।
सभी दिव्यांग बच्चों को मिले नए स्कूल बैग
कार्यक्रम के दौरान संस्थान में अध्ययनरत सभी दिव्यांग विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग प्रदान किए गए।
स्कूल बैग मिलने के बाद बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई बच्चों ने अपने नए बैग को उत्साह के साथ देखा और अपने साथियों को भी दिखाया।
आयोजकों ने बताया कि यह पहल बच्चों को शिक्षा के प्रति और अधिक प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
सोनी दलाजी प्रागाजी परिवार का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम में वितरित किए गए स्कूल बैग सोनी दलाजी प्रागाजी परिवार के सौजन्य से उपलब्ध कराए गए।
आयोजकों ने परिवार के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे दानदाता और सेवा भाव रखने वाले परिवारों के कारण ही जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंच पाती है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सहभागिता से शिक्षा और सेवा दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति : रमेश सोनी
कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन (जिला जालोर) के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी (पुनासा) ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और उसके जीवन को नई दिशा देती है।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक चुनौती उनके सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकती, यदि वे मेहनत, आत्मविश्वास और लगन के साथ आगे बढ़ें।
अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान के कार्यों की सराहना
रमेश सोनी ने अपने संबोधन में अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि संस्थान केवल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा ही नहीं दे रहा, बल्कि उनमें संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की भावना भी विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज के लिए प्रेरणा हैं, जहां सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
बैग वितरण के साथ बच्चों को खिलाई गई आइसक्रीम
कार्यक्रम को बच्चों के लिए और भी यादगार बनाने के उद्देश्य से बैग वितरण के बाद सभी बच्चों को आइसक्रीम भी वितरित की गई।
आइसक्रीम पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी।
बच्चों ने आयोजनकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान पूरे संस्थान का वातावरण खुशी, उत्साह और अपनत्व से भर गया।
सेवा और संवेदनशीलता का दिया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जरूरतमंद और विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है।
आयोजकों ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे, तो किसी भी जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग सबसे बड़ा सामाजिक निवेश होता है।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान के संचालकों और विद्यालय परिवार ने ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन तथा अणदाराम सेवा संस्थान का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हैं और समाज में सकारात्मक सोच का संदेश देते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी समाज के विभिन्न संगठन इसी प्रकार संस्थान के साथ सहयोग करते रहेंगे।
समाज के अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सोनी समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से—
- विक्रम सामराणी
- दिनेश साचौर
- प्रकाश चादूर
- अशोक टिटोप
- संस्था संचालक पीयूष
- नीता
- रूपाराम
सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
सभी ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दिव्यांग बच्चों के लिए समाज का सहयोग जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।
समाज, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाते हैं कि समाज उनके साथ खड़ा है।
शिक्षा से ही बनेगा आत्मनिर्भर भविष्य
दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण साधन है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है।
यदि उन्हें समय पर उचित संसाधन, प्रोत्साहन और सहयोग मिले तो वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
स्कूल बैग जैसे छोटे-छोटे सहयोग भी बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाने का कार्य करते हैं।
गुरु पूर्णिमा पर सेवा का प्रेरणादायी संदेश
भीनमाल में आयोजित यह कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सेवा, सहयोग और सामाजिक समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। अणदाराम महाराज की जयंती एवं महाप्रयाण दिवस पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता और शिक्षा के प्रसार में भी निहित है।
दिव्यांग बच्चों को स्कूल बैग वितरित कर आयोजकों ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और यह संदेश दिया कि समाज के प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर आयोजित होते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में सहयोग मिल सके।
