Vidisha में नदी पार कर स्कूल जाने वाले बच्चों को मिली राहत, 3 दिन में खुला हाई स्कूल, सरकार ने बदली व्यवस्था
मध्य प्रदेश के Vidisha जिले में बेतवा नदी के उफनते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ककरुआ समेत आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अब नदी के खतरनाक रास्ते से होकर स्कूल नहीं जाना पड़ेगा। बच्चों के स्टॉप डैम के पिलरों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार ने बंधेरा गांव के मिडिल स्कूल को हाई स्कूल का दर्जा दे दिया है। अब बुधवार से यहां कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। इस फैसले के बाद ककरुआ, इमलिया, बंधेरा समेत आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अपने गांव के पास ही माध्यमिक शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।
बच्चों को पार करना पड़ता था खतरनाक रास्ता
Vidisha जिले के बेतवा नदी किनारे बसे ककरुआ गांव में अब तक केवल आठवीं तक की पढ़ाई की सुविधा थी। इसके बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए बच्चों को करीब 13 किलोमीटर दूर ग्राम पलोह स्थित हाई स्कूल जाना पड़ता था।
लंबी दूरी और आने-जाने में लगने वाले समय को बचाने के लिए बच्चे बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम को पार करके स्कूल जाते थे। यह रास्ता बेहद जोखिम भरा था। स्टॉप डैम पर बने करीब दो-दो फीट चौड़े कंक्रीट के पिलरों पर संतुलन बनाते हुए बच्चों को एक पिलर से दूसरे पिलर पर छलांग लगानी पड़ती थी।
बारिश के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता था और पिलर फिसलन भरे हो जाते थे, तब बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती थी। कई बार यह रास्ता जानलेवा साबित हो सकता था, लेकिन स्कूल पहुंचने के लिए बच्चे मजबूरी में इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे।
नौ बच्चे रोज करते थे जोखिम भरा सफर
जानकारी के अनुसार ककरुआ, इमलिया और बंधेरा गांव के करीब नौ बच्चे रोजाना स्टॉप डैम पार करके पलोह गांव के स्कूल पहुंचते थे। इनमें ककरुआ के दो, इमलिया के दो और बंधेरा गांव के पांच बच्चे शामिल थे।
इस रास्ते से बच्चों की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर रह जाती थी, लेकिन हर दिन उनके साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता था। अभिभावकों का कहना था कि सभी बच्चों को रोज स्कूल छोड़ने और वापस लाने जाना संभव नहीं होता, इसलिए मजबूरी में उन्हें इस खतरनाक रास्ते से भेजना पड़ता था।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
बच्चों के नदी पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद महज तीन दिनों के अंदर बंधेरा गांव में हाई स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया गया।
सरकार के इस फैसले से अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के लिए खतरनाक रास्ते से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सात गांवों के बच्चों को मिलेगा फायदा
मुंडरा हरिसिंह ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बंधेरा गांव में हाई स्कूल खुलने से आसपास के सात गांवों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में हाई स्कूल खोलने की मांग की जा रही थी।
कुछ साल पहले ग्राम पंचायत की ओर से हाई स्कूल खोलने का प्रस्ताव भी भेजा गया था, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण उस समय मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब बच्चों की समस्या सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल निर्णय लिया है।
हाई कोर्ट ने भी लिया स्वत: संज्ञान
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायाधीशों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टॉप डैम, बच्चों के आने-जाने के रास्ते और वहां की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
टीम अब अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करेगी। रिपोर्ट के आधार पर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही और क्षेत्र में जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर आगे निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कई गांवों में आज भी बेहतर स्कूल सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा तक आसान और सुरक्षित पहुंच बच्चों का अधिकार है। ऐसे क्षेत्रों में स्कूलों की उपलब्धता बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।
फिलहाल बंधेरा में हाई स्कूल शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बेतवा नदी के खतरनाक रास्ते से गुजरने की मजबूरी नहीं रहेगी।
