नागदा नगर पालिका परिषद ने अतिरिक्त रेलवे लाइन के प्रस्ताव पर जताई चिंता, वैकल्पिक मार्ग की मांग का प्रस्ताव बहुमत से पारित
संवाददाता: प्रमोद कुमार जैन
नागदा (उज्जैन)। नागदा शहर के मध्य से प्रस्तावित अतिरिक्त रेलवे लाइन (हाई स्पीड कॉरिडोर) को लेकर नगर पालिका परिषद ने बड़ा निर्णय लिया है। सोमवार, 3 अगस्त 2026 को आयोजित नगर पालिका परिषद की बैठक में शहर के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित रेलवे लाइन के वर्तमान सर्वे मार्ग पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। परिषद ने बहुमत से प्रस्ताव पारित कर रेलवे विभाग से आग्रह किया कि घनी आबादी, औद्योगिक क्षेत्र और RERA स्वीकृत कॉलोनियों को प्रभावित करने वाले वर्तमान मार्ग के स्थान पर किसी वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार किया जाए।
बैठक में क्षेत्रीय विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न पार्षदों ने प्रस्तावित रेलवे परियोजना पर विस्तार से चर्चा की और शहर के भविष्य, नागरिकों की सुरक्षा तथा नियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिए।
नगर पालिका परिषद की बैठक में हुआ महत्वपूर्ण निर्णय
नगर पालिका परिषद नागदा की बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 250, दिनांक 3 अगस्त 2026 के तहत अतिरिक्त रेलवे लाइन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की गई।
बैठक में परिषद ने माना कि रेलवे परियोजना राष्ट्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके वर्तमान प्रस्तावित मार्ग से नागदा शहर के कई संवेदनशील क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।
इसी कारण परिषद ने रेलवे विभाग से मौजूदा सर्वे मार्ग की समीक्षा कर वैकल्पिक मार्ग तलाशने का अनुरोध किया।
क्या है प्रस्तावित रेलवे परियोजना?
रेलवे विभाग द्वारा ग्राम उमरनी से ग्राम बनबनी तक अतिरिक्त रेलवे लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
यह लाइन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा मानी जा रही है। प्रस्तावित सर्वे के अनुसार यह रेलवे लाइन नागदा शहर के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है।
इसी प्रस्ताव को लेकर स्थानीय नागरिकों, उद्योगों और जनप्रतिनिधियों ने कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
घनी आबादी और औद्योगिक क्षेत्र पर चिंता
नगर पालिका परिषद ने बैठक में स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रस्तावित मार्ग से—
- शहर की घनी आबादी प्रभावित हो सकती है।
- भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र पर असर पड़ सकता है।
- मास्टर प्लान के तहत विकसित क्षेत्रों में बाधा आ सकती है।
- RERA स्वीकृत आवासीय कॉलोनियों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
परिषद का मानना है कि यदि परियोजना इसी मार्ग से लागू होती है तो भविष्य में शहर के नियोजित विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
नागदा बचाओ संघर्ष समिति ने भी उठाई थी मांग

बैठक में बताया गया कि नागदा बचाओ संघर्ष समिति तथा शहर के अनेक नागरिकों ने पहले ही रेलवे विभाग से अनुरोध किया था कि प्रस्तावित अतिरिक्त रेलवे लाइन को भगतपुरी क्षेत्र एवं घनी आबादी वाले हिस्सों से नहीं निकाला जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग अपनाने से परियोजना भी पूरी हो सकती है और शहर के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने रखे अपने-अपने पक्ष
बैठक के दौरान दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के पार्षदों ने अपने विचार रखे।
कांग्रेस पार्षदों की मांग
कांग्रेस पार्षद दल ने प्रस्तावित रेलवे बायपास मार्ग को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि रेलवे लाइन को नागदा शहर और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर ले जाया जाना चाहिए।
उनका तर्क था कि वर्तमान प्रस्ताव नागरिकों और उद्योगों के हित में नहीं है।
भाजपा पार्षदों का पक्ष
भाजपा पार्षदों ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध उचित नहीं है।
हालांकि उन्होंने भी यह माना कि परियोजना का क्रियान्वयन इस प्रकार होना चाहिए जिससे शहर की आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और भविष्य के विकास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
विकास और जनहित के बीच संतुलन पर जोर
परिषद की चर्चा के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाएं विकास के लिए आवश्यक हैं।
लेकिन विकास कार्यों की योजना बनाते समय—
- नागरिकों की सुरक्षा
- पर्यावरण
- आवासीय क्षेत्र
- औद्योगिक विकास
- भविष्य की शहरी योजना
को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार की मांग
नगर पालिका परिषद ने सर्वसम्मति से रेलवे विभाग से आग्रह किया कि वर्तमान सर्वे मार्ग के अतिरिक्त अन्य संभावित विकल्पों का भी अध्ययन किया जाए।
परिषद का मानना है कि यदि वैकल्पिक मार्ग अपनाया जाता है तो—
- औद्योगिक क्षेत्र सुरक्षित रहेगा।
- घनी आबादी प्रभावित नहीं होगी।
- RERA स्वीकृत कॉलोनियों का विकास बाधित नहीं होगा।
- शहर का मास्टर प्लान सुरक्षित रहेगा।
नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत ने क्या कहा?
नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत ने कहा कि परिषद विकास कार्यों के विरोध में नहीं है।
उन्होंने कहा कि रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाएं निश्चित रूप से प्रदेश और देश के विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन इस प्रकार होना चाहिए कि शहर के नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि—
- शहर का संतुलित विकास बना रहे।
- घनी आबादी सुरक्षित रहे।
- औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित न हो।
- भविष्य की नगर योजना बाधित न हो।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग पर विचार किया जाना चाहिए।
विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान का बयान
बैठक में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने नगर पालिका परिषद के निर्णय का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव नागदा शहर के दीर्घकालीन विकास और नागरिक हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को लागू करते समय स्थानीय परिस्थितियों और नागरिकों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
किन विभागों को भेजा गया प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजी गई हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल
- कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी, जिला उज्जैन
- संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, उज्जैन संभाग
- परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, उज्जैन
शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी संबंधित विभागों को प्रस्ताव की जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका अधिनियम के तहत पारित हुआ प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद ने यह प्रस्ताव मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 50 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए बहुमत से पारित किया।
इस प्रस्ताव के माध्यम से परिषद ने औपचारिक रूप से रेलवे विभाग से वर्तमान सर्वे मार्ग पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
स्थानीय नागरिकों की क्या है अपेक्षा?
नागदा के नागरिकों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं।
उनकी मुख्य मांग यह है कि रेलवे परियोजना ऐसे मार्ग से विकसित की जाए जिससे—
- घरों का विस्थापन कम हो।
- उद्योग प्रभावित न हों।
- शहर का मास्टर प्लान सुरक्षित रहे।
- भविष्य में यातायात और शहरी विस्तार में बाधा न आए।
परियोजना पर आगे क्या होगा?
अब यह प्रस्ताव संबंधित विभागों और रेलवे प्रशासन को भेजा जा चुका है।
आगे रेलवे विभाग तकनीकी, प्रशासनिक और भौगोलिक पहलुओं का अध्ययन कर निर्णय ले सकता है कि वर्तमान सर्वे मार्ग में संशोधन किया जाए या नहीं।
हालांकि अंतिम निर्णय रेलवे और संबंधित प्राधिकरणों द्वारा विस्तृत परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।
प्रमुख बिंदु
- नगर पालिका परिषद नागदा ने अतिरिक्त रेलवे लाइन के प्रस्ताव पर बहुमत से प्रस्ताव पारित किया।
- वर्तमान सर्वे मार्ग पर पुनर्विचार की मांग।
- घनी आबादी, भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र और RERA कॉलोनियों पर चिंता।
- वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव।
- विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान बैठक में रहे मौजूद।
- प्रस्ताव संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजा गया।
निष्कर्ष
नागदा नगर पालिका परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव शहर के नियोजित विकास और नागरिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि वह विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं करती, लेकिन ऐसी परियोजनाओं का क्रियान्वयन इस प्रकार होना चाहिए जिससे घनी आबादी, औद्योगिक क्षेत्र, RERA स्वीकृत कॉलोनियां और भविष्य की शहरी विकास योजनाएं प्रभावित न हों। अब सभी की नजर रेलवे विभाग के अगले निर्णय पर रहेगी कि वह परिषद के सुझावों पर किस प्रकार विचार करता है।
