रेलवे की प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर लाइन पर नागदा नगर पालिका की चिंता, वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार का प्रस्ताव पारित
घनी आबादी, भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र और RERA स्वीकृत कॉलोनियों के प्रभावित होने की आशंका जताई
Nagda(नि.प्र.)। नागदा शहर के मध्य से प्रस्तावित अतिरिक्त रेलवे लाइन (हाई स्पीड कॉरिडोर) को लेकर नगर पालिका परिषद नागदा ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर पालिका परिषद की बैठक में रेलवे विभाग के प्रस्तावित मार्ग पर विस्तार से चर्चा की गई और शहर के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार किए जाने की मांग का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया।
नगर पालिका परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव क्रमांक 250, दिनांक 3 अगस्त 2026 के माध्यम से रेलवे विभाग से आग्रह किया गया है कि वर्तमान प्रस्तावित सर्वे मार्ग के स्थान पर अन्य संभावित विकल्पों पर विचार किया जाए, ताकि नागदा शहर के सुनियोजित विकास, नागरिकों की सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के हितों को सुरक्षित रखा जा सके।
शहर के मध्य से गुजरने वाली रेल लाइन को लेकर बढ़ी चिंता
रेलवे विभाग द्वारा ग्राम उमरनी से ग्राम बनबनी तक अतिरिक्त रेल लाइन (हाई स्पीड कॉरिडोर) बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्तावित मार्ग नागदा के शहरी क्षेत्र से होकर गुजरने की संभावना है।
इस मार्ग को लेकर शहरवासियों और नागदा बचाओ संघर्ष समिति द्वारा लगातार चिंता व्यक्त की जा रही थी। नागरिकों का कहना है कि यदि रेल लाइन वर्तमान प्रस्तावित मार्ग से होकर गुजरती है तो घनी आबादी वाले क्षेत्रों, भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र और कई आवासीय कॉलोनियों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
लोगों ने मांग की थी कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग को वैकल्पिक मार्ग तलाशना चाहिए।
परिषद की बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
नगर पालिका परिषद की बैठक में प्रस्तावित रेलवे लाइन के विषय पर पार्षदों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में शहर के भविष्य, नागरिक हितों और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस पार्षद दल की ओर से प्रस्तावित रेलवे बायपास को निरस्त करने की मांग रखी गई। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि नागदा शहर और आसपास के क्षेत्रों से रेलवे बायपास निकालने के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं भाजपा पार्षद दल की ओर से विकास कार्यों को आवश्यक बताते हुए कहा गया कि विकास परियोजनाओं को रोकना उचित नहीं है। हालांकि परिषद ने यह भी माना कि विकास के साथ-साथ शहर की परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

विकास के साथ नागरिक हितों को प्राथमिकता
बैठक में परिषद सदस्यों ने कहा कि रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाएं शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके निर्माण के दौरान स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
परिषद ने चिंता व्यक्त की कि यदि रेल लाइन घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती है तो इससे आवासीय क्षेत्रों, नागरिक जीवन और शहर के भविष्य के विस्तार पर असर पड़ सकता है।
विशेष रूप से भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र और RERA स्वीकृत कॉलोनियों के प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए परिषद ने वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता बताई।
वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने का आग्रह
नगर पालिका परिषद ने अपने प्रस्ताव में रेलवे विभाग से आग्रह किया है कि वर्तमान प्रस्तावित सर्वे मार्ग के अलावा अन्य विकल्पों का भी अध्ययन किया जाए।
परिषद ने कहा कि ऐसा मार्ग चुना जाना चाहिए जिससे शहर की घनी आबादी, औद्योगिक क्षेत्र और नियोजित आवासीय विकास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
परिषद का मानना है कि विकास परियोजना ऐसी होनी चाहिए जिससे रेलवे का उद्देश्य भी पूरा हो और शहर के नागरिकों को भविष्य में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत ने रखी परिषद की बात
नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत ने कहा कि विकास कार्यों की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन विकास के साथ शहर के भविष्य और नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नागदा एक औद्योगिक और तेजी से विकसित होने वाला शहर है। ऐसे में किसी भी बड़ी परियोजना की योजना बनाते समय आवासीय क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्र भगतपुरी और शहर के सुनियोजित विस्तार को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा मार्ग चुना जाना चाहिए जिससे शहर के विकास में बाधा न आए और नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

प्रस्ताव की प्रतियां संबंधित विभागों को भेजी गईं
नगर पालिका परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव की प्रतियां संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। इनमें आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल, कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी नगर पालिका जिला उज्जैन, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संभाग उज्जैन तथा परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण उज्जैन शामिल हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्ताव की जानकारी संबंधित विभागों तक आवश्यक रूप से पहुंचाई जाए।
यह प्रस्ताव मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 50 के तहत परिषद को प्राप्त शक्तियों के अनुसार बहुमत से पारित किया गया।
विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने बताया महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। उन्होंने नगर पालिका परिषद के निर्णय को नागदा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहर के सुनियोजित विकास, नागरिक हितों की सुरक्षा और घनी आबादी एवं औद्योगिक क्षेत्रों को संभावित प्रभाव से बचाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
शहर के भविष्य को लेकर लिया गया अहम निर्णय
नगर पालिका परिषद के इस निर्णय के बाद अब रेलवे विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वह प्रस्तावित मार्ग की समीक्षा कर वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करेगा।
नागदा शहर के नागरिकों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास होना चाहिए जिसमें शहर की पहचान, नागरिक सुविधाएं और भविष्य की योजनाएं सुरक्षित रहें।
नगर पालिका परिषद द्वारा पारित यह प्रस्ताव अब रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष पहुंच गया है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
