भूरीघाटी तालाब हादसा: दो दिन चले रेस्क्यू अभियान के बाद 47 वर्षीय युवक का शव बरामद
पहले दिन अंधेरा और गहरे पानी ने बढ़ाई मुश्किलें, सोमवार को रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला शव
झकनावदा (मनीष कुमट, जैन)। झकनावदा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भेरूपाड़ा अंतर्गत ग्राम भूरीघाटी में हुए दर्दनाक हादसे का सोमवार को दुखद अंत हुआ। तालाब में नहाने के दौरान डूबे 47 वर्षीय युवक वरसिंह पिता कालू दायमा का शव दूसरे दिन चले लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रविवार को तालाब में नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार 2 अगस्त को वरसिंह दायमा भूरीघाटी तालाब में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान वे अचानक तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और देखते ही देखते पानी में लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों की भीड़ तालाब किनारे जमा हो गई।
ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया गया।
पहले दिन घंटों तलाश के बाद भी नहीं मिली सफलता
घटना के बाद रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर तालाब में युवक की तलाश शुरू की। टीम ने कई घंटों तक लगातार खोज अभियान चलाया, लेकिन तालाब की अधिक गहराई, पानी में कम दृश्यता और अंधेरा होने के कारण पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी।
कठिन परिस्थितियों को देखते हुए देर शाम रेस्क्यू अभियान को रोकना पड़ा। इसके बाद अगले दिन सुबह दोबारा पूरी तैयारी और संसाधनों के साथ तलाश शुरू करने का निर्णय लिया गया।

सोमवार सुबह दोबारा शुरू हुआ अभियान
सोमवार सुबह रेस्क्यू टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और व्यवस्थित तरीके से खोज अभियान शुरू किया। टीम ने पूरी सावधानी और धैर्य के साथ तालाब में तलाश जारी रखी।
कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार टीम को सफलता मिली और युवक का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम हो गईं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
रेस्क्यू टीम के प्रयासों की हुई सराहना
भूरीघाटी तालाब में चलाया गया रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। गहरे पानी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार प्रयास जारी रखे।
टीम के साहस, तत्परता और समर्पण के कारण दूसरे दिन शव बरामद किया जा सका। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, रेस्क्यू टीम और अभियान में जुटे सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

गांव में पसरा मातम, सुरक्षा व्यवस्था की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद भूरीघाटी गांव में शोक का माहौल है। मृतक के परिजन गहरे सदमे में हैं और गांव के लोग भी इस घटना से दुखी हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गहरे तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोग सावधानी बरतें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने विशेष रूप से बरसात के मौसम में लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें, क्योंकि जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ जाता है।
यह घटना एक बार फिर लोगों को जलाशयों के आसपास सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता का संदेश देती है।
