Indore News: 25 किलोमीटर के सफर में दो बार देना होगा टोल टैक्स, इंदौर-हरदा हाईवे पर उठे सवाल
Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से जुड़ी एक बड़ी सड़क परियोजना के शुरू होने से पहले ही टोल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इंदौर-हरदा हाईवे पर वाहन चालकों को कम दूरी के भीतर दो बार टोल टैक्स देना पड़ सकता है। खास बात यह है कि दोनों टोल प्लाजा के बीच की दूरी करीब 25 किलोमीटर है, जबकि सामान्य नियमों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच लगभग 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैयार किए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे के शुरू होने के बाद इंदौर से हरदा और आगे नागपुर की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही आसान हो जाएगी। हालांकि, टोल व्यवस्था को लेकर वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है।
मांगलिया और गोगाखेड़ी में बन रहे हैं दो टोल प्लाजा
Indore -हरदा हाईवे पर दो प्रमुख टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। पहला टोल प्लाजा इंदौर-मुंबई हाईवे क्षेत्र में मांगलिया के पास बनाया जा रहा है, जबकि दूसरा हरदा हाईवे के गोगाखेड़ी क्षेत्र में होगा।
इन दोनों टोल प्लाजा के बीच की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। ऐसे में जो वाहन चालक इंदौर बायपास या देवास की ओर से इस हाईवे पर प्रवेश करेंगे, उन्हें दोनों स्थानों पर टोल शुल्क देना पड़ सकता है।
वाहन चालकों का कहना है कि इतनी कम दूरी में दो बार टोल देना आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। आमतौर पर लंबी दूरी के हाईवे सफर में टोल की व्यवस्था होती है, लेकिन यहां कम दूरी में दो टोल प्लाजा होने से लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
60 किलोमीटर दूरी के नियम पर उठे सवाल
देश में हाईवे टोल प्लाजा को लेकर निर्धारित नियम हैं। इनके अनुसार सामान्य परिस्थितियों में दो टोल प्लाजा के बीच करीब 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। लेकिन इंदौर-हरदा हाईवे पर बनने वाले दोनों टोल प्लाजा के बीच यह दूरी काफी कम है।
इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि दोनों टोल प्लाजा अलग-अलग हाईवे परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं। इसलिए दोनों स्थानों पर टोल शुल्क लिया जाएगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया कि एक टोल इंदौर-मुंबई हाईवे का हिस्सा है, जबकि दूसरा इंदौर-हरदा हाईवे पर बनाया जा रहा है। दोनों सड़क परियोजनाएं अलग-अलग होने के कारण वाहन चालकों को दोनों जगह शुल्क देना होगा।
देवास से आने वाले वाहनों पर पड़ेगा असर
इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा, जो देवास की तरफ से आकर इंदौर-हरदा हाईवे का उपयोग करेंगे या इस मार्ग से देवास की ओर जाएंगे।
ऐसे वाहन मांगलिया टोल प्लाजा से होकर गुजरेंगे। इसके बाद हरदा हाईवे पर आगे बढ़ने के दौरान गोगाखेड़ी टोल प्लाजा भी आएगा। इस तरह करीब 25 किलोमीटर के अंतराल में ही दो बार टोल टैक्स देना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रा करने वाले वाहन चालकों का कहना है कि यदि दोनों टोल के बीच दूरी कम है तो सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए।
Indore -हरदा-बैतूल हाईवे प्रोजेक्ट अंतिम चरण में
इंदौर-हरदा-बैतूल (NH-47) फोरलेन हाईवे परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। यह सड़क इंदौर को हरदा, बैतूल होते हुए नागपुर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस हाईवे के बनने के बाद इंदौर से हरदा और आगे के क्षेत्रों की यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी। सड़क की गुणवत्ता और चौड़ाई बढ़ने से यात्रा समय में भी कमी आएगी।
फिलहाल कई हिस्सों में सड़क निर्माण का काम पूरा हो चुका है और वहां वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। हालांकि कुछ स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और कनेक्टिविटी रोड का काम अभी जारी है।
कम होगा तीन घंटे का सफर
इस हाईवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद इंदौर से हरदा के बीच यात्रा समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में जिन रास्तों पर यात्रा में अधिक समय लगता है, वहां नया फोरलेन हाईवे बनने से सफर तेज और सुरक्षित होगा।
निर्माण कार्य के दौरान कुछ स्थानों पर वाहन चालकों को डायवर्शन का सामना करना पड़ रहा है। बायपास से हाईवे पर प्रवेश करते समय कुछ जगहों पर अस्थायी रास्ते बनाए गए हैं। इसके अलावा अंडरपास और अन्य संरचनाओं का काम पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
हाईवे तैयार, लेकिन टोल व्यवस्था बनी चर्चा का विषय
Indore -हरदा हाईवे शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सुविधा साबित होने वाला है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लेकिन हाईवे शुरू होने से पहले ही दो टोल प्लाजा के बीच कम दूरी का मुद्दा चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि भविष्य में इस व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाता है या वाहन चालकों को इसी तरीके से दोनों टोल का भुगतान करना होगा।
