राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा में “दैनिक जीवन में रसायन का महत्व” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किया गया। जानिए कार्यक्रम की प्रमुख बातें।
राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस: दैनिक जीवन में रसायन का महत्व विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित
नागदा। राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा में रसायन शास्त्र विभाग, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में “दैनिक जीवन में रसायन का महत्व” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा रसायन विज्ञान के व्यावहारिक उपयोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस का महत्व
राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने भारतीय विज्ञान को नई दिशा देने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परंपराओं को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “A History of Hindu Chemistry” में प्राचीन भारतीय धातु विज्ञान, रसविद्या तथा चिकित्सा विज्ञान के महत्वपूर्ण योगदान का विस्तृत वर्णन मिलता है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत से परिचित कराना और विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना था।
प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने बताया रसायन विज्ञान का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि रसायन विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि—
- भोजन की गुणवत्ता
- औषधियों का निर्माण
- कृषि उत्पादन
- स्वच्छता
- स्वास्थ्य सेवाएं
- पर्यावरण संरक्षण
- आधुनिक तकनीक
इन सभी क्षेत्रों में रसायन विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा विज्ञान के व्यावहारिक उपयोगों को समझकर समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के महत्व से अवगत कराया।उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार तथा वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज का युवा वैज्ञानिक सोच अपनाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन सविता कुँवर एवं कुसुम परमार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मिति शर्मा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रसायन विज्ञान से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से उनके उत्तर प्राप्त किए।
दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान की भूमिका
आज के आधुनिक जीवन में रसायन विज्ञान के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
रसायन विज्ञान का उपयोग इन क्षेत्रों में प्रमुख रूप से होता है—
- दवाइयों के निर्माण में
- खाद एवं उर्वरकों के उत्पादन में
- पीने के पानी के शुद्धिकरण में
- प्लास्टिक एवं पॉलिमर उद्योग में
- वस्त्र उद्योग में
- मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में
- सौंदर्य प्रसाधनों में
- ऊर्जा उत्पादन में
- पर्यावरण संरक्षण में
- खाद्य पदार्थों के संरक्षण में
इसी कारण राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
भारतीय वैज्ञानिक विरासत को जानना जरूरी
आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने भारतीय विज्ञान को नई पहचान दिलाई। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक विज्ञान के बीच मजबूत संबंध स्थापित किया।
उनकी प्रेरणा से आज भी लाखों विद्यार्थी विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बना रहे हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं बल्कि विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा द्वारा आयोजित यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की भावना ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।
