सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार से सम्मानित हुए। जोधपुर में आयोजित समारोह में समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें शॉल, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। पढ़ें पूरी खबर।
सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार: समाज और संस्कृति के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान
रिपोर्टर : मुकेश सोलंकी | भीनमाल
सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार: समाज और संस्कृति के लिए मिला बड़ा सम्मान
भीनमाल। अखिल भारतीय श्री महाकवि माघ विकास संस्थान, भीनमाल के तत्वावधान में जोधपुर स्थित कॉस्मोपॉलिटन होटल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार से सम्मानित किए गए। समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए संस्थान ने उन्हें अपने प्रतिष्ठित सम्मान “मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार” से अलंकृत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सिमरथ राज व्यास को शॉल, पुष्पमाला, अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया।
जोधपुर में आयोजित हुआ गरिमामय सम्मान समारोह
कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विद्वानों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक हस्तियों ने भाग लिया।
संस्थान के संरक्षक दिनेश कुमार दवे ‘नवीन’, संयोजक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास तथा श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्युशेखर दवे सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने सम्मान समारोह में क्या कहा
संस्थान के संरक्षक दिनेश कुमार दवे ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान करना केवल व्यक्ति का सम्मान नहीं बल्कि पूरे समाज की प्रेरणा का सम्मान है। ऐसे सम्मान राष्ट्र को उत्कृष्टता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
संयोजक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने कहा कि अखिल भारतीय श्री महाकवि माघ विकास संस्थान का उद्देश्य महाकवि माघ की ज्ञान परंपरा, भारतीय संस्कृति और साहित्यिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्युशेखर दवे ने अपने संबोधन में कहा कि किसी समाज की वास्तविक पहचान उसकी आर्थिक स्थिति से नहीं बल्कि उसके संस्कार, संस्कृति और सामाजिक चेतना से होती है।
सम्मान मिलने पर क्या बोले सिमरथ राज व्यास
सिमरथ राज व्यास ने इस सम्मान के लिए संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी समाज, संस्कृति, शिक्षा तथा मानवीय मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
महाकवि माघ विकास संस्थान का उद्देश्य
अखिल भारतीय श्री महाकवि माघ विकास संस्थान लंबे समय से भारतीय संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
संस्थान समय-समय पर उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करता है जिन्होंने समाज, संस्कृति, शिक्षा, साहित्य और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसी क्रम में इस वर्ष सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार से सम्मानित किए गए।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण, शिक्षा प्रसार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
निष्कर्ष
सिमरथ राज व्यास मारवाड़ गौरव रत्न अलंकार सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि समाज, संस्कृति और भारतीय मूल्यों के प्रति समर्पित कार्यों की सार्वजनिक सराहना है। ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक सोच, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं।
