Nagda Rajoharan Sparshana 2026 के तहत नागदा में पहली बार ऐतिहासिक रजोहरण स्पर्शना का आयोजन 2 अगस्त 2026 को होगा। 9 रजोहरण साध्वी भगवंतों को वोहराए जाएंगे। जानें कार्यक्रम, समय और विशेष आकर्षण।
Nagda Rajoharan Sparshana 2026: पहली बार होगा ऐतिहासिक “रजोहरण स्पर्शना” का भव्य आयोजन
नागदा। Nagda Rajoharan Sparshana 2026 के तहत धर्मनगरी नागदा में पहली बार एक ऐतिहासिक एवं दिव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे पार्श्व प्रधान पाठशाला भवन, नागदा में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम जैन समाज के लिए अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ अवसर माना जा रहा है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
Nagda Rajoharan Sparshana 2026 क्या है?
Nagda Rajoharan Sparshana 2026 के अंतर्गत परम पूज्य साध्वी श्री अर्हम व्रता साध्वी जी की पावन निश्रा में पहली बार 9 रजोहरण साध्वीजी भगवंतों को वोहराए जाएंगे। यह धार्मिक परंपरा जैन समाज में अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी मानी जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को धर्मलाभ प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर मिलेगा।
कब और कहां होगा आयोजन?
- तिथि: 2 अगस्त 2026 (रविवार)
- समय: प्रातः 9:00 बजे
- स्थान: पार्श्व प्रधान पाठशाला भवन, नागदा
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
Nagda Rajoharan Sparshana 2026 के दौरान कई विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
- 9 रजोहरण साध्वी भगवंतों को वोहराने का ऐतिहासिक अवसर।
- रजोहरण की सार्वजनिक बोली।
- जप-तप की विशेष बोलियां।
- भक्ति एवं संगीत से ओतप्रोत धार्मिक प्रस्तुतियां।
- बोली लेने वाले श्रद्धालुओं का संगीतमय स्वागत।
- श्रद्धालुओं के उत्साहवर्धन के लिए 11 आकर्षक लकी ड्रा।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन नागदा के धार्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला होगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी परिवारों के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक वातावरण, भक्ति संगीत और पुण्यदायी धार्मिक परंपराओं के बीच श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। Nagda Rajoharan Sparshana 2026 जैन समाज के लिए एक यादगार धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है।
आयोजकों की अपील
आयोजक श्वेताम्बर जैन मूर्तिपूजक श्री संघ एवं आत्म लक्षी चार्तुमास समिति, नागदा ने सभी धर्मप्रेमी परिवारों से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
आत्म लक्षी चार्तुमास समिति के अध्यक्ष शरद बांठिया, सचिव आशय गांग एवं कोषाध्यक्ष आशीष गुगलिया ने संयुक्त रूप से बताया कि Nagda Rajoharan Sparshana 2026 नागदा की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से समय पर उपस्थित होकर इस दुर्लभ धार्मिक अवसर का लाभ लेने की अपील की।
निष्कर्ष
Nagda Rajoharan Sparshana 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नागदा के धार्मिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बनने जा रहा है। पहली बार आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
