गुरु पूर्णिमा महोत्सव संपन्न: वनेश्वर मारुति मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, पंचामृत अभिषेक, 56 भोग, महाआरती और महाप्रसाद में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु
झाबुआ | संवाददाता: मनीष कुमट
झाबुआ जिले के मेघनगर नगर के समीप स्थित ग्राम फुटतालाब के प्रसिद्ध वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर दोपहर तक धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, महाआरती और महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मंदिर के महंत श्री दिलीप दास जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव में आसपास के गांवों के साथ-साथ मेघनगर, झाबुआ और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री राम”, “जय बजरंगबली” और “हनुमान जी महाराज की जय” के जयघोष गूंजते रहे। भक्तों ने भगवान मारुति नंदन हनुमान के दर्शन कर सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार की मंगलकामना की।
सुबह से ही मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रातःकाल से ही वनेश्वर मारुति मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु अपने साथ नारियल, फूल-मालाएं, प्रसाद और पूजन सामग्री लेकर भगवान हनुमान के दर्शन करने पहुंचे।
मंदिर समिति द्वारा दर्शन और पूजा की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। स्वयंसेवकों ने दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण और भीड़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पंचामृत और फलों के रस से अभिषेक
धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार के बीच भगवान मारुति नंदन हनुमान जी का फलों के रस एवं पंचामृत से विशेष अभिषेक कराया।
अभिषेक में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार पंचामृत के साथ विभिन्न फलों के रस का उपयोग किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसे अभिषेक से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूरे अभिषेक के दौरान श्रद्धालु मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना में सहभागी बने रहे।
आकर्षक श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
विशेष अभिषेक के बाद भगवान मारुति नंदन हनुमान जी का मनमोहक श्रृंगार किया गया।
भगवान को आकर्षक वस्त्र, सुगंधित पुष्पमालाओं, चंदन और विभिन्न अलंकरणों से सजाया गया। श्रृंगार के बाद मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
श्रद्धालुओं ने भगवान की दिव्य छवि के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। कई भक्तों ने विशेष पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की कामना की।
भगवान को लगाया गया 56 प्रकार का विशेष भोग
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण भगवान मारुति नंदन को अर्पित किया गया 56 प्रकार का विशेष भोग रहा।
मंदिर में पारंपरिक व्यंजन, मिठाइयां, फल और विभिन्न प्रसाद सामग्री से सुसज्जित भोग भगवान को अर्पित किया गया। भोग की भव्य व्यवस्था देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान को श्रद्धा और प्रेम से अर्पित किया गया भोग भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
गणेश मंडल और महाकाल मंडल ने बांधा समा
दोपहर लगभग 12 बजे गणेश मंडल एवं महाकाल मंडल द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी गई।
भजन मंडलियों ने भगवान श्रीराम, हनुमान जी और गुरु महिमा पर आधारित मधुर एवं भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
भजनों के दौरान श्रद्धालु तालियों की गूंज के बीच भक्ति में लीन दिखाई दिए। कई श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते हुए भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते नजर आए।
महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
भजन संध्या के बाद भगवान मारुति नंदन हनुमान जी की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
आरती के समय मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया। हजारों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान की आरती में सहभागिता की।
शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और जयकारों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान से अपने परिवार की खुशहाली, समाज में शांति और देश की समृद्धि की कामना की।
महाप्रसाद में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु
महाआरती के बाद विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन किया गया।
मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
आयोजकों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अपेक्षा से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन सभी के लिए पर्याप्त प्रसाद और भोजन की व्यवस्था पहले से की गई थी।
भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिसने सामाजिक समरसता और समानता का सुंदर संदेश दिया।
महंत दिलीप दास जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ आयोजन

पूरे धार्मिक आयोजन का संचालन मंदिर के महंत श्री दिलीप दास जी महाराज के मार्गदर्शन में किया गया।
उनके नेतृत्व में सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न हुए। महंत ने श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा के महत्व और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के बारे में भी प्रेरणादायक संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है और आध्यात्मिक उन्नति का आधार बनता है।
समाजसेवियों ने जताया श्रद्धालुओं का आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद समाजसेवी सुरेश चंद्र जैन, राजेश (रिंकू) जैन एवं जैकी जैन ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं और मंदिर समिति का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक रही, जो भगवान हनुमान के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी स्वयंसेवकों, भजन मंडलियों और सहयोगी नागरिकों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं।
मंदिर परिसर में सभी वर्गों और आयु के लोग एक साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, जिसने सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में मेघनगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर हरिराम गिरधानी, आनंदी पडियार, दिनेश वैरागी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, ग्रामीण, समाजसेवी और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मंदिर समिति को बधाई दी।
आस्था और भक्ति का बना अविस्मरणीय संगम
ग्राम फुटतालाब स्थित वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक परंपराएं केवल आस्था का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी सशक्त आधार हैं।
विशेष अभिषेक, दिव्य श्रृंगार, 56 भोग, भजन-कीर्तन, महाआरती और विशाल महाप्रसाद के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। भक्त भगवान मारुति नंदन हनुमान का आशीर्वाद लेकर अपने घर लौटे और अगले वर्ष भी इसी उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने का संकल्प व्यक्त किया।
