गायत्री जयंती पर्व Manawar के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में पंचकुंडीय हवन, गायत्री साधना, संस्कार एवं भव्य आरती का आयोजन हुआ। नगरवासियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विचार क्रांति अभियान का संकल्प लिया।
गायत्री जयंती पर्व Manawar: शक्तिपीठ में भव्य आयोजन, पंचकुंडीय हवन एवं संस्कार सम्पन्न
मनावर (जिला धार)। संवाददाता।
गायत्री जयंती पर्व Manawar के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं गायत्री शक्तिपीठ मनावर के मार्गदर्शन में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। पूरे शक्तिपीठ परिसर को विशेष रूप से सजाया गया तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कार्यकर्ता एवं परिवारजन शामिल हुए।
गायत्री जयंती पर्व का धार्मिक महत्व
गायत्री जयंती पर्व Manawar के दौरान श्रद्धालुओं ने वेदमाता गायत्री की उपासना कर मानव जीवन में सद्बुद्धि, संस्कार और आध्यात्मिक जागरण का संदेश ग्रहण किया। गायत्री परिवार के अनुसार गायत्री मंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं बल्कि मानवता को श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला सार्वभौमिक मंत्र है।गायत्री जयंती का पर्व ऋषि परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश देता है। इस अवसर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन और नैतिक जागरण के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
शक्तिपीठ में विशेष तैयारियां की गईं
गायत्री शक्तिपीठ Manawar में जयंती पर्व के लिए कई दिनों पूर्व से तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रद्धालुओं के बैठने, हवन एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई।शक्तिपीठ व्यवस्थापक योगेश मालवीय ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना नगर एवं आसपास के सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं को पूर्व में दे दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखने को मिली।
पंचकुंडीय हवन एवं गायत्री साधना सम्पन्न
प्रातःकालीन बेला में ध्यान, जप एवं गायत्री साधना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद मंदिर प्रांगण में पंचकुंडीय हवन आयोजित किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं।हवन के पश्चात भव्य आरती का आयोजन किया गया। आरती के दौरान पूरा वातावरण गायत्री मंत्र और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। इसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
संस्कार प्रकोष्ठ द्वारा कराए गए विभिन्न संस्कार
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के संस्कार प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न वैदिक एवं सामाजिक संस्कारों का संचालन पंडित राकेश पुरोहित द्वारा संपन्न कराया गया।संस्कार कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। उपस्थित लोगों ने संस्कारों के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में उन्हें अपनाने का संकल्प लिया।
विचार क्रांति अभियान पर विशेष जोर
गायत्री जयंती समारोह के दौरान गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा स्थापित विचार क्रांति अभियान की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए श्रेष्ठ विचारों का प्रसार अत्यंत आवश्यक है।कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों को नैतिकता, सदाचार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर समाज हित में विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।
नगरवासियों और कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता
गायत्री जयंती पर्व Manawar में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्थाओं की भी सभी ने सराहना की।
आगामी योजनाओं पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान गायत्री शक्तिपीठ Manawar द्वारा भविष्य में किए जाने वाले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि नगर हित में कई विशेष योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें संस्कार शिविर, युवा जागरण अभियान, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम तथा सामाजिक सेवा गतिविधियां शामिल हैं।
गायत्री परिवार का संदेश
गायत्री परिवार ने सभी नागरिकों से गायत्री मंत्र के माध्यम से आत्मिक उन्नति, नैतिक जीवन और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र, समाज और विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई।
निष्कर्ष
गायत्री जयंती पर्व Manawar का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का अद्भुत संगम रहा। पंचकुंडीय हवन, गायत्री साधना, संस्कार एवं विचार क्रांति अभियान के संदेशों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को नई प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान की।
